चौखुटिया स्वास्थ्य आंदोलन: भुवन कठैत के नेतृत्व में पदयात्रा गैरसैंण पहुंची, पहाड़वासियों की आवाज बन गई
Chaukhutia Health Movement: The foot march led by Bhuvan Kathayat reached Gairsain, becoming the voice of the mountain people.
गैरसैंण: कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया विकासखंड से शुरू हुआ स्वास्थ्य आंदोलन अब गैरसैंण पहुंच चुका है। पूर्व सैनिक भुवन कठैत के नेतृत्व में चल रही पदयात्रा में आंदोलनकारी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चौखुटिया अस्पताल के उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पदयात्रियों का स्वागत किया और आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया।
भुवन कठैत ने बताया कि यह पदयात्रा लगभग 300 किलोमीटर लंबी है और इसे 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन दिल्ली के जंतर मंतर तक जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि बीते दो अक्टूबर से चौखुटिया में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी है, लेकिन सरकार केवल झूठे आश्वासन देती रही।
पहाड़वासियों के मौलिक अधिकार की लड़ाई
आंदोलन केवल स्वास्थ्य सेवाओं की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पहाड़वासियों के मौलिक अधिकार की लड़ाई भी है। यूकेडी के प्रदेश युवा मोर्चा अध्यक्ष आशीष नेगी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने लगातार पहाड़वासियों को धोखा दिया। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश का लाभ उत्तराखंड के बजाय उत्तर प्रदेश के लोगों को मिल रहा है।
पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि सरकार केवल वोट बैंक को ध्यान में रखकर काम कर रही है। उन्होंने गैरसैंण नगर पंचायत द्वारा लगाए गए 4 करोड़ से अधिक स्ट्रीट लाइटों पर सवाल उठाया और कहा कि स्वास्थ्य उपकरणों के लिए पैसा नहीं है।
पदयात्रा की प्रगति और समर्थन
चौखुटिया से देहरादून के लिए चल रही पदयात्रा देर रात गैरसैंण पहुंची। इसमें पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, आशीष नेगी, जिला पंचायत सदस्य सरस्वती किरोला, चंद्रा कोहली, दान सिंह, महेंद्र और सुंदर सहित कई लोग शामिल हैं।
पदयात्रा से पूर्व चौखुटिया में क्षेत्रवासियों ने आक्रोश रैली निकाली और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ स्वास्थ्य की मांग नहीं, बल्कि पहाड़वासियों की जरूरी सेवाओं और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है।


