उत्तराखंड

कुणजेठी ग्रामसभा का बड़ा फैसला: सार्वजनिक आयोजनों में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित, उल्लंघन पर 21 हजार जुर्माना

Kunjethi Gram Sabha's big decision: Liquor is completely banned in public events, violations will attract a fine of 21,000 rupees.

रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद की कालीमठ घाटी स्थित कुणजेठी ग्राम पंचायत ने नशा मुक्ति को लेकर ऐतिहासिक और सख्त निर्णय लिया है। ग्राम प्रधान अनिल आर्य के नेतृत्व में आयोजित ग्रामसभा की बैठक में महिला मंगल दल और युवक मंगल दल की मौजूदगी में सर्वसम्मति से तय किया गया कि गांव में किसी भी सार्वजनिक आयोजन—चाहे शादी हो, सगाई हो या अन्य सामूहिक कार्यक्रम—में शराब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

ग्रामसभा में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान या कार्यक्रम में शराब परोसते या सेवन करते हुए पाया गया, तो उस पर ग्राम समिति की ओर से तत्काल 21,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इस फैसले को गांव में ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के रूप में लागू किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से पारिवारिक कलह, आर्थिक हानि और सामाजिक असंतुलन जैसी समस्याएं सामने आ रही थीं, जिन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक हो गया था।

महिलाओं की पहल बनी आंदोलन

निर्णय के बाद महिला मंगल दल की महिलाओं ने गांव में जागरूकता रैली निकालकर नशा मुक्त समाज का संदेश दिया। ‘नशा छोड़ो, गांव जोड़ो’ और ‘स्वस्थ समाज, मजबूत भविष्य’ जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। महिलाओं ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर गांव के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

महिला मंगल दल की अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि नशा परिवार और समाज दोनों के लिए घातक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांव को नशा मुक्त बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। बैठक में महिला मंगल दल की सभी सदस्य और युवक मंगल दल के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

प्रशासन ने की सराहना

इस पहल की सराहना करते हुए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि ऐसे सामूहिक निर्णय गांवों में सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इसे समाज सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम बताया।

कुणजेठी की इस पहल की पूरे जिले में चर्चा हो रही है। सामाजिक संगठनों ने इसे अन्य ग्राम सभाओं के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह निर्णय आसपास के गांवों में भी नशा मुक्ति अभियान को कितना प्रभावी बनाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button