Kedarnath Dham: 11 नवंबर को बंद होंगे बाबा केदार के कपाट, जानें तुंगनाथ और मदमहेश्वर की तारीख
The portals of Baba Kedar will close on November 11; find out the dates for Tungnath and Madmaheshwar.
रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के साथ पंचकेदार के प्रमुख मंदिरों में भी शीतकालीन व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं। विजयदशमी के अवसर पर भगवान केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के चलते हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित इन मंदिरों में नियमित दर्शन शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोलियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शीतकालीन गद्दीस्थलों तक पहुंचेंगी, जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर सकेंगे।
11 नवंबर को बंद होंगे केदारनाथ धाम के कपाट
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली फाटा और गुप्तकाशी होते हुए ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी। यही मंदिर सर्दियों के दौरान भगवान केदारनाथ की पूजा का प्रमुख शीतकालीन गद्दीस्थल है।
डोली प्रभारी डीएस भुजवाण ने कपाट बंद होने की तिथि और डोली यात्रा की जानकारी दी। कपाट बंद होने के साथ ही केदारनाथ में नियमित दर्शन का इस यात्रा सीजन के लिए समापन हो जाएगा।
6 नवंबर को तुंगनाथ मंदिर के कपाट होंगे बंद
पंचकेदार में तृतीय केदार के रूप में पूजे जाने वाले भगवान तुंगनाथ के कपाट 6 नवंबर को विधि-विधान के साथ बंद किए जाएंगे। यह मंदिर हिमालय में सर्वाधिक ऊंचाई पर स्थित प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है। विजयदशमी के अवसर पर पंचांग गणना के आधार पर कपाट बंद होने की तिथि घोषित की गई।
कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली 8 नवंबर को मक्कूमठ पहुंचेगी। सर्दियों के दौरान मक्कूमठ में ही श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इस संबंध में बीकेटीसी प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने जानकारी दी।
16 नवंबर को बंद होंगे मदमहेश्वर के कपाट
पंचकेदार के द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद भगवान की उत्सव डोली गौंडार में रात्रि विश्राम करेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 17 नवंबर को डोली गौंडार से रांसी, 18 नवंबर को रांसी से गिरिया और 19 नवंबर को गिरिया से ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
वेदपाठी विश्व मोहन जमलोकी ने डोली यात्रा के कार्यक्रम की जानकारी दी। ऊखीमठ पहुंचने के बाद भगवान मदमहेश्वर की शीतकालीन पूजा संपन्न होगी।
शीतकालीन दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करना होगा रुख
तीनों धामों की कपाट बंद होने की तिथियां घोषित होने के बाद मंदिरों में शीतकालीन पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कपाट बंद होने के बाद श्रद्धालु केदारनाथ और मदमहेश्वर के लिए ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर तथा तुंगनाथ के लिए मक्कूमठ में दर्शन कर सकेंगे। इससे सर्दियों के दौरान भी भक्तों को भगवान की पूजा-अर्चना का अवसर मिलता रहेगा।
