हरिद्वार में इतिहास और रोमांच का अनोखा संगम, श्यामपुर की अंग्रेजों की जेल बनेगी एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र
Haridwar offers a unique blend of history and adventure; the British-era jail in Shyampur is set to become a new center for adventure tourism.
हरिद्वार: धार्मिक नगरी हरिद्वार अपनी आध्यात्मिक पहचान के साथ-साथ अब साहसिक और ऐतिहासिक पर्यटन के नए आयाम जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग श्यामपुर क्षेत्र में स्थित अंग्रेजों के जमाने की एक पुरानी जेल और थाने को एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। करीब सवा सौ साल पुरानी यह इमारत न केवल औपनिवेशिक दौर की कानून व्यवस्था की गवाह रही है, बल्कि इसका नाम कुख्यात लेकिन लोककथाओं में लोकप्रिय सुल्ताना डाकू से भी जुड़ा हुआ है।
खंडहर में छिपा है औपनिवेशिक इतिहास
श्यामपुर इलाके में स्थित यह इमारत आज भले ही जर्जर अवस्था में नजर आती हो, लेकिन कभी अंग्रेजी हुकूमत के लिए यह एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र थी। स्थानीय लोग इसे आज भी ‘अंग्रेजों की जेल’ या ‘पुराना थाना’ के नाम से जानते हैं। बताया जाता है कि 20वीं सदी की शुरुआत में जब अंग्रेजों के लिए सिरदर्द बने सुल्ताना डाकू को गिरफ्तार किया गया था, तब उसे लगभग 20 दिनों तक इसी जेल में रखा गया था।
सुल्ताना डाकू और जेल का ऐतिहासिक संबंध
इतिहासकारों और स्थानीय लोगों के अनुसार, सुल्ताना डाकू की गिरफ्तारी के लिए अंग्रेजों ने फ्रेडी यंग नाम के एक विशेष अधिकारी को तैनात किया था। गिरफ्तारी के बाद सुल्ताना को श्यामपुर की इसी जेल में अस्थायी रूप से रखा गया था। सुल्ताना डाकू गढ़वाल, कुमाऊं, हरिद्वार, बिजनौर, कोटद्वार और मुरादाबाद क्षेत्र में सक्रिय रहा और लोक कथाओं में उसे अमीरों से लूटकर गरीबों की मदद करने वाला ‘रॉबिन हुड’ बताया जाता है। यही कारण है कि आज भी उसका नाम लोगों के लिए एक रोचक और रहस्यमयी किरदार बना हुआ है।
एडवेंचर टूरिज्म से जोड़ने की योजना
पर्यटन विभाग इस ऐतिहासिक जेल को संरक्षित कर झिलमिल झील सफारी और जंगल सफारी से जोड़ने की योजना बना रहा है। जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल के अनुसार, श्यामपुर में मौजूद सुल्ताना डाकू से जुड़ी पुरानी झील और जेल दोनों को एक्सप्लोर किया जाएगा। उनका कहना है कि युवा पीढ़ी ऐसे ऐतिहासिक और रोमांचक स्थलों में विशेष रुचि दिखाती है, इसलिए इसे एडवेंचर टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है।
स्थानीय लोगों को विकास की उम्मीद
श्यामपुर के स्थानीय निवासियों ने भी इस जेल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है। लोगों का मानना है कि यदि इसे ‘सुल्ताना डाकू की जेल’ के नाम से प्रचारित किया गया, तो देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचेंगे। इससे न केवल इस ऐतिहासिक धरोहर को पहचान मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
हरिद्वार को मिलेगा नया पर्यटन आकर्षण
गंगा स्नान और मंदिर दर्शन के लिए प्रसिद्ध हरिद्वार में यदि जंगल सफारी और एडवेंचर टूरिज्म के साथ इस ऐतिहासिक जेल को जोड़ा जाता है, तो यह सैलानियों के लिए एक नई और अनोखी डेस्टिनेशन बन सकती है। वन्यजीवों के दीदार के साथ इतिहास की झलक देखने का यह संयोजन हरिद्वार के पर्यटन मानचित्र को एक नया आयाम देने की क्षमता रखता है।

