उत्तराखंड

Dhami Cabinet Portfolio Allocation: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा, सीएम धामी ने गृह और सूचना जैसे ‘पावर सेंटर’ रखे अपने पास

Dhami Cabinet Portfolio Allocation: After the cabinet expansion, CM Dhami kept 'power centers' like Home and Information with himself.

उत्तराखंड की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों के बीच विभागों का बहुप्रतीक्षित आवंटन कर दिया है। पाँच नए मंत्रियों मदन कौशिक, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा के शपथ ग्रहण के बाद, मुख्यमंत्री ने शासन की मुख्य कमान अपने हाथों में रखते हुए अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक वितरण किया है।

इस नए शक्ति संतुलन के माध्यम से मुख्यमंत्री ने न केवल प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दी है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए एक मजबूत ‘कोर टीम’ भी तैयार कर ली है।

मुख्यमंत्री के पास रहेंगे शासन की ‘रीढ़’ वाले विभाग

Dhami Cabinet Portfolio Allocation की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मुख्यमंत्री ने राज्य की सुरक्षा, प्रशासन और छवि से जुड़े सबसे संवेदनशील विभाग अपने पास ही रखे हैं। आधिकारिक सूची के अनुसार, मुख्यमंत्री निम्नलिखित विभागों का नेतृत्व स्वयं करेंगे:

  • गृह एवं सतर्कता: राज्य की कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की सीधी जिम्मेदारी।

  • कार्मिक, नियुक्ति एवं प्रशिक्षण: नौकरशाही पर सीधा नियंत्रण और प्रशासनिक नियुक्तियों का फैसला।

  • सूचना एवं जनसंपर्क: सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और छवि प्रबंधन की कमान।

  • सामान्य प्रशासन: शासन के रोजमर्रा के कामकाज और नीतिगत निर्णयों का मुख्य केंद्र।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन “पावर पोर्टफोलियो” को अपने पास रखकर सीएम धामी ने यह संदेश दिया है कि सरकार की मुख्य नीतियां और अनुशासन उनके सीधे पर्यवेक्षण में रहेंगे।

क्यों जरूरी था यह बंटवारा?

पिछले काफी समय से मंत्रिमंडल में पाँच पद रिक्त चल रहे थे। इनमें से तीन पद पहले से खाली थे, जबकि एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के दुखद निधन और एक अन्य पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था। इन रिक्तियों के कारण मुख्यमंत्री पर कार्यभार का अत्यधिक बोझ था और वे 35 से अधिक विभागों का संचालन अकेले कर रहे थे।

Dhami Cabinet Portfolio Allocation के बाद अब कार्यभार का विकेंद्रीकरण (Decentralization) होगा, जिससे विकास योजनाओं की फाइलें तेजी से आगे बढ़ेंगी और जनता की समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सकेगा।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का ‘मास्टरस्ट्रोक’

विभागों के आवंटन में मुख्यमंत्री ने ‘पहाड़ से मैदान’ तक के संतुलन का विशेष ध्यान रखा है:

  1. अनुभवी चेहरों को तवज्जो: मदन कौशिक जैसे वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण विभाग सौंपकर सरकार ने उनके अनुभव का लाभ उठाने की कोशिश की है।

  2. युवा जोश और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: रुद्रप्रयाग, रुड़की और भीमताल जैसे क्षेत्रों से आए नए मंत्रियों को उनके क्षेत्र की प्रकृति के अनुरूप विभाग दिए गए हैं ताकि स्थानीय स्तर पर विकास को गति मिल सके।

  3. दलित और पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व: खजान दास और अन्य मंत्रियों के जरिए सामाजिक समीकरणों को साधते हुए विभागों का पुनर्गठन किया गया है।

मिशन 2027: परिणामोन्मुख सरकार की ओर कदम

इस विभागीय पुनर्गठन को केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उन विभागों को मंत्रियों को सौंपा है जिनमें जनता से सीधा जुड़ाव (Direct Public Interaction) अधिक है, जैसे—लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण। इससे मंत्रियों की जवाबदेही बढ़ेगी और मुख्यमंत्री स्वयं ‘सुपरविजन’ और ‘मॉनिटरिंग’ मोड में रहकर सरकार के प्रदर्शन को सुधार सकेंगे।

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