सीएम पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में 46.24 करोड़ की योजनाओं का किया लोकार्पण-शिलान्यास
Chief Minister Pushkar Singh Dhami inaugurated and laid the foundation stone for projects worth Rs 46.24 crore in Kashipur
काशीपुर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को काशीपुर पहुंचकर नगर निगम क्षेत्र में 46.24 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तराखंड ने सीमित संसाधनों के बावजूद अनेक चुनौतियों को पार करते हुए विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
46.24 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री धामी ने अपने दौरे के दौरान 159 सड़क और नाली निर्माण कार्य (30.73 करोड़ रुपये), 69 आवश्यक विकास कार्य (5.62 करोड़ रुपये), तथा गैस आधारित पशु शवदाह गृह (3.40 करोड़ रुपये) का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 3.75 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटरीकृत कंट्रोल रूम, और 2.74 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग बाजपुर रोड व मानपुर रोड पर पीसीसी टाइल्स पैविंग कार्य का शिलान्यास किया।
गैस आधारित शवदाह गृह से अब लावारिस पशुओं के अंतिम संस्कार की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी, जबकि हाईटेक कंट्रोल रूम से नगर के 40 वार्डों की निगरानी, वाहनों का संचालन और नागरिक शिकायतों का निस्तारण डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
स्वच्छता और हरियाली की दिशा में पहल
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की धनराशि से 3.05 करोड़ रुपये की लागत से 3850 मीटर पीसीसी टाइल्स कार्य किया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और शहर और स्वच्छ बनेगा। इसके अलावा 1.20 करोड़ रुपये की लागत से वर्टिकल गार्डन, ग्रीन बेंच, फ्लावर बेड और पौधारोपण कार्य भी शुरू किए गए हैं, जो न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ करेंगे।
उत्तराखंड के 25 वर्षों का विकास सफर
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य निर्माण के समय उत्तराखंड में केवल 63 नगर निकाय थे, जिनमें देहरादून एकमात्र नगर निगम था, जबकि आज राज्य में 160 निकाय और 11 नगर निगम हैं। उन्होंने बताया कि 25 साल पहले शहरी विकास विभाग का बजट केवल 56 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 1300 करोड़ रुपये हो चुका है।
राज्य के शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या 16% से बढ़कर 36% हो चुकी है, जो विकास की गति और शहरीकरण के स्तर को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारा राज्य प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद लगातार आगे बढ़ रहा है, और आज उत्तराखंड सुशासन और विकास का उदाहरण बन चुका है।”
स्वास्थ्य और शहरी सुविधाओं पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार शहरी गरीबों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 82.5 करोड़ रुपये की लागत से 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित कर रही है, जिनमें से 40 केंद्र पहले ही शुरू हो चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक माह के भीतर सभी केंद्रों को पूरी तरह क्रियाशील कर दिया जाएगा।
इसके अलावा सरकार की ओर से हर नगर निकाय में रजत जयंती पार्क बनाए जा रहे हैं। अब तक 57 पार्कों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जो राज्य के सौंदर्यीकरण और नागरिकों के लिए हरित स्थल के रूप में काम करेंगे।
धार्मिक विरासत और रोजगार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “मानसखंड मंदिर कॉरिडोर” परियोजना के अंतर्गत 48 प्राचीन मंदिरों के पुनरुत्थान और सौंदर्यीकरण का कार्य कर रही है, जिनमें काशीपुर का चैती मंदिर भी शामिल है। उन्होंने बताया कि राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4% की कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन को दर्शाती है।
धामी ने यह भी कहा कि “समान नागरिक संहिता कानून” और “नकल विरोधी कानून” राज्य की पारदर्शिता, न्याय और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि “उत्तराखंड अपने रजत जयंती वर्ष में प्रवेश करते हुए आत्मनिर्भरता, सांस्कृतिक उत्थान और सतत विकास के नए आयाम गढ़ने के लिए संकल्पबद्ध है।”

