जौनसार-बावर के दसऊ गांव से शुरू हुई छत्रधारी चालदा महासू महाराज की प्रवास यात्रा, 14 दिसंबर को हिमाचल के पश्मी गांव में होंगे विराजमान
The pilgrimage of Chhatradhari Chalda Mahasu Maharaj began from Dasau village in Jaunsar-Bawar, and he will be enshrined in Pashmi village of Himachal Pradesh on December 14.
विकासनगर: देहरादून जिले के जौनसार-बावर क्षेत्र के दसऊ गांव में करीब ढाई साल से विराजमान छत्रधारी चालदा महासू महाराज की डोली सोमवार, 8 दिसंबर को विधि-विधान के साथ गर्भगृह से बाहर निकाली गई। डोली बाहर आते ही पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। परंपरा के अनुसार डोली दर्शन के बाद अगले पड़ाव की ओर रवाना की गई, जिसके साथ भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
9 और 10 दिसंबर को परिवारों के यहां विराम, फिर आगे बढ़ेगी यात्रा
डोली सोमवार को गर्भगृह से बाहर आते ही दसऊ गांव में बागड़ी एक परिवार के यहां विश्राम के लिए स्थापित की गई। 9 दिसंबर को महाराज गांव में ही रहेंगे, जबकि 10 दिसंबर को उनका प्रवास भूपऊ गांव में बागड़ी एक परिवार के यहां रहेगा। इसके बाद प्रवास यात्रा अगले पड़ाव के लिए आगे बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के पश्मी गांव में होगा भव्य स्वागत, पहली बार विराजमान होंगे चालदा महाराज
यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव 13 दिसंबर को होगा, जब महाराज हिमाचल के द्राविल में विश्राम करेंगे। इसके बाद 14 दिसंबर को छत्रधारी चालदा महासू महाराज हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के पश्मी गांव में स्थित नवनिर्मित मंदिर में विराजमान होंगे।
सोमवार को पश्मी गांव से बुलावे के लिए करीब छह लोग दसऊ पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्य-यंत्रों, फूल मालाओं और जयकारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। महासू देवता चार भाइयों—बाशिक, पवासी, बौठा और चालदा—का सामूहिक नाम है, जिनमें चालदा महाराज सबसे छोटे और हमेशा चलायमान माने जाते हैं।
भक्तों की उमड़ी भीड़, श्रद्धा और भावनाओं से भरा माहौल
महासू देवता के बजीर दीवान सिंह राणा ने बताया कि चालदा महाराज की प्रवास यात्रा एक वर्ष तक हिमाचल के पश्मी गांव में रहेगी, जिसके बाद वे जौनसार-बावर के जगथान में आएंगे। स्थानीय निवासी शेर सिंह ने कहा कि दसऊ गांव से महाराज की यात्रा शुरू हो चुकी है और भक्त बड़ी संख्या में दर्शनों हेतु पहुंच रहे हैं।
उधर महासू मंदिर समिति, पश्मी सिरमौर के बजीर नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि देवता के स्वागत के लिए लगभग 600 लोग बुलावे में आए हैं। यह पहला अवसर है जब चालदा महाराज पश्मी गांव में विराजमान होंगे, जिससे क्षेत्र में खुशी की लहर है। हिमाचल सरकार और ग्रामीणों द्वारा भव्य आयोजन व शानदार व्यवस्थाएं की गई हैं।
डोली बाहर निकलने के बाद स्थानीय महिलाओं की आंखें भी नम हो गईं। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली, सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए महाराज के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
प्रवास यात्रा अब भक्तों की आस्था और परंपरा के साथ आगे बढ़ रही है।



