हरिद्वार में सीएम धामी का विपक्ष पर हमला, कहा—एसआईआर का विरोध सिर्फ विरोध के लिए, देश बदलते कल्चर को नहीं पचा पा रहा विपक्ष
CM Dhami attacks the opposition in Haridwar, saying, "Opposition to SIR is just for the sake of opposition, the opposition is unable to digest the changing culture of the country."
देहरादून/हरिद्वार: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर तीखे शब्दों में हमला बोला है। हरिद्वार में आयोजित एक कार्यक्रम में सीएम धामी ने कहा कि विपक्षी दल बिना वजह सिर्फ विरोध के लिए एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, जबकि इसके पीछे उनके राजनीतिक स्वार्थ छिपे हैं।
“60 साल देश को गुमराह करने वाले अब परेशान”
बिना किसी दल का नाम लिए सीएम धामी ने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने छह दशकों तक देश को भ्रमित किया, अब उन्हें नए भारत की कार्यसंस्कृति रास नहीं आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की अफवाहें अब जनता पर असर नहीं डाल पा रही हैं क्योंकि देश की सोच और काम करने का तरीका बदल चुका है। धामी ने कहा कि यही वजह है कि विपक्ष लगातार झुंझलाहट में है और हर नीतिगत निर्णय पर विवाद खड़ा कर रहा है।
बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए विपक्ष पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने ताजा बिहार विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाए गए झूठ को जनता ने सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में जनता ने काम करने वालों को चुना और विपक्ष को पूरी तरह नकार दिया। सीएम धामी का दावा है कि आने वाले चुनावों में भी जनता ऐसे दलों को मौका नहीं देगी जो सिर्फ नकारात्मक राजनीति करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन में हुए शामिल
मुख्यमंत्री धामी हरिद्वार स्थित उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। देश-विदेश से आए संस्कृत विद्वानों और छात्रों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के संरक्षण और प्रसार पर विस्तृत चर्चा की गई। विद्वानों ने आधुनिक दौर में संस्कृत को प्रासंगिक बनाने के लिए कई सुझाव भी दिए।
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत देव वाणी है और उत्तराखंड में इसे द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया गया है। सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने और इसे आम बोलचाल में प्रचलित करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘संस्कृत ग्राम’ परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जिसमें गांवों में संस्कृत संवाद और अध्ययन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
किसानों ने किया गर्मजोशी से स्वागत
कार्यक्रम के लिए गुरुकुल कांगड़ी हेलीपैड पर पहुंचे मुख्यमंत्री धामी का किसानों ने उत्साहपूर्ण स्वागत किया। हाल ही में गन्ना खरीद मूल्य बढ़ाने के निर्णय से खुश किसानों ने मुख्यमंत्री को माला पहनाकर धन्यवाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे।
किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध सरकार: सीएम
किसानों के साथ बातचीत में सीएम धामी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर है। उन्होंने बताया कि गन्ना मूल्य वृद्धि किसानों की लंबी मांग थी, जिसे सरकार ने मान लिया है। साथ ही चीनी मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों का भुगतान समय पर किया जाए और गन्ना खरीद में किसी प्रकार की देरी न हो।
मुख्यमंत्री के इन बयानों से साफ है कि सरकार विपक्ष की आलोचनाओं पर आक्रामक रुख अपनाते हुए विकास और किसान हितों पर जोर देने की रणनीति पर काम कर रही है।

