आरएसएस का बड़ा अभियान, ‘पंच परिवर्तन’ के संदेश के साथ उत्तराखंड में 800 स्थानों पर होंगे हिंदू सम्मेलन
The RSS is launching a major campaign, holding Hindu conferences at 800 locations across Uttarakhand with the message of 'Panch Parivartan'
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड में एक बड़े सामाजिक अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। इसके तहत प्रदेश भर में करीब 800 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों का उद्देश्य समाज को एकजुट करना, जन-जागरूकता बढ़ाना और नागरिक दायित्वों के प्रति लोगों को प्रेरित करना है। संघ का मानना है कि वर्तमान सामाजिक और राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए हिंदू समाज का संगठित और जागरूक होना बेहद जरूरी है।
शक्ति केंद्र से न्याय पंचायत तक होगा आयोजन
आरएसएस ने इन सम्मेलनों के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की है। संघ के प्रांत प्रचारक स्तर पर इसकी रूपरेखा तय की गई है, जिसके अनुसार कार्यक्रम शक्ति केंद्र, वार्ड और न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। लक्ष्य है कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और प्रत्येक घर से कम से कम एक व्यक्ति सम्मेलन में शामिल हो। इसके लिए स्थानीय स्तर पर स्वयंसेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शताब्दी वर्ष के तहत विशेष आयोजन
दरअसल, आरएसएस अपने 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में विभिन्न सामाजिक और वैचारिक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उत्तराखंड में भी इसी कड़ी में अलग-अलग विषयों पर आधारित कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। हिंदू सम्मेलन इसी व्यापक अभियान का अहम हिस्सा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इन सम्मेलनों में विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के प्रतिष्ठित लोग भी मौजूद रहेंगे।
पंच परिवर्तन पर रहेगा मुख्य फोकस
आरएसएस के प्रांत प्रचारक संजय कुमार ने बताया कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ ने समाज के लिए ‘पंच परिवर्तन’ का विचार प्रस्तुत किया है, जिसे इन सम्मेलनों के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। पंच परिवर्तन में पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्य, स्वदेशी आचरण और सामाजिक समरसता जैसे विषय शामिल हैं। संघ का मानना है कि इन पांच बिंदुओं को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाया जा सकता है।
26 फरवरी तक पूरे होंगे सभी सम्मेलन
प्रांत प्रचारक के अनुसार, प्रदेश भर में होने वाले ये हिंदू सम्मेलन आगामी 26 फरवरी तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। हर क्षेत्र में स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन का स्वरूप तय किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।
सम्मानित लोगों और धार्मिक संगठनों की भागीदारी
इन सम्मेलनों में समाज के सम्मानित नागरिकों, धार्मिक संगठनों और मंदिरों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आरएसएस का कहना है कि यह आयोजन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि पूरे समाज को साथ लेकर चलने का प्रयास होगा। संघ के अनुसार, हिंदू सम्मेलन का उद्देश्य केवल विचार साझा करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में सामूहिक प्रयास को बढ़ावा देना है।
कुल मिलाकर, आरएसएस का यह अभियान उत्तराखंड में सामाजिक जागरूकता और एकजुटता को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ‘पंच परिवर्तन’ के संदेश को केंद्र में रखा गया है।


