उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज गोलीबारी और एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत के मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। CM Dhami Suspends Police Excise Officers Dehradun 2026 की इस बड़ी कार्रवाई के तहत लापरवाही बरतने वाले कुठालगेट चौकी इंचार्ज और क्षेत्र-3 मसूरी के उप आबकारी निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देवभूमि की शांत वादियों में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अवांछित तत्वों और लापरवाह अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं है।
क्या है पूरा मामला? नाइट क्लब का विवाद और खूनी संघर्ष
घटना 30 मार्च की सुबह की है, जब राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव स्थित ‘जेन जी क्लब’ (Gen Z Club) में बिल को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पुलिस जांच के अनुसार, क्लब में मौजूद छात्रों और स्टाफ के बीच पैसों को लेकर कहासुनी हुई, जो मारपीट तक जा पहुंची। विवाद इतना बढ़ा कि बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो सवार युवकों ने क्लब संचालक की फॉर्च्यूनर कार पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी दुर्भाग्यवश फायरिंग की चपेट में आ गए। गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच ब्रिगेडियर जोशी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
सीएम धामी का एक्शन: गाज गिरी अधिकारियों पर
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए दो अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश जारी किया:
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अशोक कुमार: प्रभारी, कुठालगेट चौकी (उपनिरीक्षक) – सुरक्षा और गश्त में लापरवाही के लिए।
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सोबन सिंह: उप आबकारी निरीक्षक (क्षेत्र-3 मसूरी) – नियम विरुद्ध देर रात तक क्लब खुला रखने की छूट देने के लिए।
मुख्यमंत्री ने डीजीपी (DGP) को निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। उन्होंने दो टूक कहा, “रोड रेज, अवैध फायरिंग और देर रात तक चलने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाया जाए। जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तारियां
इस खूनी खेल का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बिना नंबर की गाड़ियां और असलहे लहराते युवक साफ देखे जा सकते हैं। पुलिस ने अब तक इस मामले में दोनों पक्षों से कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 4 मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि क्लब रात के 2:30 बजे तक खुला था, जो आबकारी नियमों का सीधा उल्लंघन है। घटना में शामिल ज्यादातर आरोपी छात्र बताए जा रहे हैं।
स्थानीय जनता का फूटा गुस्सा
घटना के बाद इलाके के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। स्थानीय निवासियों ने एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के सामने ही पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का आरोप है कि इलाके में देर रात तक हुड़दंग होता है और पुलिस नदारद रहती है। CM Dhami Suspends Police Excise Officers Dehradun 2026 की कार्रवाई को इसी जन-आक्रोश के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।


