उत्तराखंड

Banshidhar Bhagat News: अब चुनाव नहीं लड़ना चाहते BJP के दिग्गज नेता, कालाढूंगी सीट से बेटे के लिए मांगा टिकट

Veteran BJP leader no longer wishes to contest elections; seeks ticket for his son from the Kaladhungi constituency.

उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक बंशीधर भगत के बयान ने कालाढूंगी विधानसभा सीट पर नई चर्चा छेड़ दी है। लंबे समय तक चुनावी राजनीति में सक्रिय रहे भगत अब खुद चुनाव लड़ने के बजाय अपने बेटे विकास भगत को टिकट दिलाना चाहते हैं। उन्होंने पार्टी हाईकमान के सामने बेटे की दावेदारी की पैरवी करते हुए उसकी लोकप्रियता और क्षेत्र में सक्रियता का भी जिक्र किया है।

बेटे विकास भगत के लिए टिकट चाहते हैं बंशीधर भगत

बंशीधर भगत का कहना है कि उनके बेटे विकास भगत की क्षेत्र में सक्रियता और लोकप्रियता काफी बढ़ गई है। उन्होंने दावा किया कि आज विकास की लोकप्रियता उनसे भी ज्यादा है। भगत के मुताबिक, उनका बेटा आगामी विधानसभा चुनाव में उनसे अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने की क्षमता रखता है।

भाजपा विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट देने का अंतिम फैसला पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को करना है। उन्होंने बताया कि पिछली बार भी उन्होंने अपने बेटे के लिए टिकट की पैरवी की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें ही उम्मीदवार बनाया था। इस बार उनकी इच्छा है कि कालाढूंगी सीट से विकास भगत को मौका मिले।

सात बार विधायक रह चुके हैं बंशीधर भगत

बंशीधर भगत उत्तराखंड भाजपा के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। उनका राजनीतिक सफर वर्ष 1975 में जनसंघ से शुरू हुआ था। वर्ष 1991 में वह पहली बार नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इसके बाद 1993 और 1996 में भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की।

वर्ष 2002 में हल्द्वानी से चुनाव लड़ने पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2007 में उन्होंने इसी सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद 2012, 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में कालाढूंगी सीट से विधायक बने। इस तरह वह सात बार विधानसभा पहुंच चुके हैं।

अपने लंबे राजनीतिक करियर के दौरान भगत ने सरकार और संगठन में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह मंत्री पद संभालने के साथ वर्ष 2020 में उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

विकास भगत की दावेदारी से कालाढूंगी में बढ़ी चर्चा

विकास भगत भाजपा की राजनीति में सक्रिय हैं और प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अब उनके पिता की ओर से टिकट की पैरवी किए जाने के बाद कालाढूंगी सीट पर संभावित उम्मीदवार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बंशीधर भगत का यह बयान राजनीतिक विरासत अगली पीढ़ी को सौंपने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, टिकट की मांग करना और पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किया जाना दो अलग-अलग बातें हैं। भाजपा ने इस सीट पर अंतिम उम्मीदवार को लेकर कोई फैसला घोषित नहीं किया है।

अंतिम फैसला भाजपा हाईकमान के हाथ में

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बंशीधर भगत का खुद चुनाव न लड़ने और बेटे के लिए टिकट मांगने का रुख पार्टी की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और कालाढूंगी में प्रभाव को देखते हुए इस सीट पर उम्मीदवार चयन पर सबकी नजर रहेगी।

अब देखना होगा कि भाजपा नेतृत्व भगत की मांग पर क्या फैसला लेता है और क्या विकास भगत को कालाढूंगी से चुनाव लड़ने का अवसर मिलता है। फिलहाल, टिकट का फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है।

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