उत्तराखंड

Ankita Bhandari Case: राहुल गांधी ने राष्ट्रपति मुर्मू को लिखा पत्र, VIP की पहचान और राज्यपाल की नियुक्ति पर उठाए सवाल

Rahul Gandhi writes to President Murmu; raises questions regarding the identity of the 'VIP' and the appointment of the Governor.

देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कथित VIP की पहचान उजागर करने और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल का पद नहीं संभालने देने का अनुरोध किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस मामले में कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।

राहुल गांधी ने पत्र में क्या कहा?

राहुल गांधी के मुताबिक, 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि अंकिता पर एक VIP मेहमान को विशेष सेवाएं देने का दबाव बनाया गया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। राहुल गांधी ने दावा किया कि इसी विवाद के बाद उनकी हत्या कर दी गई।

इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों, अंकित गुप्ता तथा सौरभ भास्कर को दोषी ठहराया गया था। अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

कथित VIP की पहचान को लेकर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने पत्र में कहा कि मामले में कथित VIP की पहचान को लेकर सवाल बने हुए हैं। उनके अनुसार, जनवरी 2026 में विरोध प्रदर्शनों के बाद उत्तराखंड सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने की सिफारिश की थी। उन्होंने जांच की गति पर भी चिंता जताई।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कथित VIP को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने से जांच को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि केंद्र सरकार को नियुक्ति पर पुनर्विचार करने के लिए कहा जाए और जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति पदभार न संभाले।

हालांकि, कथित VIP से जुड़े आरोपों को जांच में साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। किसी व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील

राहुल गांधी ने अपने पत्र में संविधान के अनुच्छेद 74(1) का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद को अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए कह सकती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पर भी राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीरता जरूरी है।

उन्होंने अंकिता के माता-पिता की न्याय की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि परिवार लंबे समय से जवाब चाहता है। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से पीड़ित परिवार को सांत्वना देने और न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाने की अपील की।

क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?

पौड़ी जिले की रहने वाली अंकिता भंडारी सितंबर 2022 में लापता हो गई थीं। वह गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में काम करती थीं। जांच के दौरान पुलकित आर्य, अंकित गुप्ता और सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया। 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था।

मामले में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके बावजूद कथित VIP एंगल को लेकर परिवार और विभिन्न संगठनों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं।

अब राहुल गांधी के राष्ट्रपति को लिखे पत्र के बाद मामला फिर राजनीतिक चर्चा में आ गया है। आगे की स्थिति CBI जांच की प्रगति, आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

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