उत्तराखंड

Uttarakhand Karwa Chauth Holiday: महिला कर्मचारियों को 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश, धामी सरकार ने जारी किया आदेश

Uttarakhand Karwa Chauth Holiday: Public holiday for female employees on October 29; Dhami government issues order

Uttarakhand: उत्तराखंड सरकार ने करवा चौथ के अवसर पर महिला कर्मचारियों के लिए गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह अवकाश प्रदेश के शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा राज्य सरकार के अधीन प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिकों के लिए घोषित किया गया है।

राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद शासन ने 28 अक्टूबर को छुट्टी का आदेश जारी किया। इस फैसले का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को करवा चौथ के धार्मिक अनुष्ठानों और पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर देना है।

Uttarakhand: Karwa Chauth पर 29 अक्टूबर को महिलाओं की छुट्टी

उत्तराखंड शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को करवा चौथ के अवकाश से संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी की।

अधिसूचना के अनुसार, राज्य के अधीन आने वाले सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए 29 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।

यह आदेश पूरे उत्तराखंड में लागू होने के लिए जारी किया गया है।

हालांकि, यह सभी कर्मचारियों के लिए सामान्य अवकाश की घोषणा नहीं है। अधिसूचना विशेष रूप से महिला कार्मिकों से संबंधित है। इसलिए पुरुष कर्मचारियों और अन्य संस्थानों के लिए छुट्टी की स्थिति संबंधित कार्यालयों के नियमों तथा लागू अवकाश सूची पर निर्भर करेगी।

General Administration Department ने जारी की अधिसूचना

उत्तराखंड सरकार की ओर से जारी आदेश में राज्यपाल की स्वीकृति का उल्लेख किया गया है।

अधिसूचना संख्या 1501/XXXI(15)G/26-74(सा.)/2016 को 28 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया। इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव राजेंद्र कुमार के हस्ताक्षर हैं।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि करवा चौथ पर्व के अवसर पर 29 अक्टूबर, गुरुवार को महिला कार्मिकों के लिए प्रदेशभर में सार्वजनिक अवकाश रहेगा।

इस अधिसूचना की प्रतियां राज्यपाल और मुख्यमंत्री के सचिवालय, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को भेजी गई हैं।

इसके अलावा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने तथा सूचना के प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के लिए भी आदेश की प्रतियां प्रेषित की गई हैं।

Uttarakhand: किन महिला कर्मचारियों को मिलेगा अवकाश?

सरकार की अधिसूचना में विभिन्न श्रेणियों के संस्थानों का उल्लेख किया गया है।

इसके अंतर्गत राज्य सरकार के अधीन शासकीय कार्यालयों, अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कार्मिक शामिल हैं।

इसका अर्थ है कि संबंधित संस्थानों में काम करने वाली पात्र महिला कर्मचारियों को करवा चौथ के अवसर पर घोषित छुट्टी का लाभ मिलेगा।

हालांकि, निजी कंपनियों, स्वतंत्र निजी संस्थानों और केंद्रीय सरकारी कार्यालयों पर इस आदेश के स्वतः लागू होने की पुष्टि अधिसूचना से नहीं होती। ऐसे कर्मचारियों को अपने संस्थान की आधिकारिक अवकाश नीति की जांच करनी चाहिए।

इसी तरह स्कूल या कॉलेज में महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश घोषित होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी विद्यार्थियों के लिए भी छुट्टी घोषित कर दी गई है।

CM Pushkar Singh Dhami के निर्देश पर फैसला

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर महिला कर्मचारियों के लिए करवा चौथ का अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि करवा चौथ महिलाओं की आस्था, प्रेम और पारिवारिक विश्वास से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।

उनके अनुसार, राज्य सरकार महिलाओं के हितों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनकी भावनाओं, आस्था और परंपराओं का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकास के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक त्योहारों से जुड़ी भावनाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सरकार ने इस निर्णय को महिला कर्मचारियों की धार्मिक और सांस्कृतिक आवश्यकताओं के प्रति सम्मान के रूप में प्रस्तुत किया है।

Karwa Chauth 2026 का धार्मिक महत्व

करवा चौथ हिंदू परंपरा में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। इसे विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के व्रत और पारिवारिक मंगलकामना से जोड़ा जाता है।

इस दिन अनेक महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखती हैं।

पारंपरिक रूप से व्रत सूर्योदय से शुरू होता है और चंद्र दर्शन तथा पूजा के बाद पूरा किया जाता है। कई श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ परिवारों में स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार अलग परंपराएं भी प्रचलित हैं।

करवा चौथ पर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा करने की परंपरा है।

शाम के समय महिलाएं पूजा करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।

उत्तराखंड के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह पर्व विभिन्न पारिवारिक परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है।

सरकारी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों पर क्या असर पड़ेगा?

महिला कर्मचारियों के लिए घोषित अवकाश का असर संबंधित सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की दैनिक कार्यव्यवस्था पर पड़ सकता है।

जिन कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की संख्या अधिक है, वहां प्रशासन को आवश्यक सेवाओं और नियमित कामकाज के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

हालांकि, सरकार ने इस अधिसूचना के माध्यम से सभी सरकारी कार्यालयों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश नहीं दिया है।

आवश्यक सेवाओं, अस्पतालों और अन्य विभागों में ड्यूटी की व्यवस्था संबंधित विभागीय निर्देशों के अनुसार संचालित हो सकती है।

इसी तरह शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की छुट्टी और शिक्षण गतिविधियों से संबंधित निर्णय संबंधित संस्थान या सक्षम प्राधिकारी के आदेश पर निर्भर करेंगे।

इसलिए कर्मचारियों और आम नागरिकों को किसी विशेष कार्यालय या संस्था में सेवाओं की उपलब्धता की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त करनी चाहिए।

Uttarakhand: महिला कर्मचारियों को त्योहार मनाने का अवसर

करवा चौथ के दिन कई महिलाएं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियां भी निभाती हैं।

व्रत की तैयारी, पूजा सामग्री की व्यवस्था और शाम के धार्मिक कार्यक्रमों के कारण यह दिन कई परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है।

ऐसे में घोषित अवकाश से पात्र महिला कर्मचारियों को अपने पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों के लिए समय मिल सकेगा।

उत्तराखंड सरकार इससे पहले भी करवा चौथ पर महिला कर्मचारियों के लिए अवकाश घोषित कर चुकी है। इसलिए 2026 का आदेश इसी प्रकार की पूर्व प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता के रूप में भी देखा जा सकता है।

29 अक्टूबर के लिए आदेश लागू, कर्मचारियों को क्या जानना चाहिए?

उत्तराखंड में करवा चौथ के अवसर पर 29 अक्टूबर 2026 को महिला कार्मिकों के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा लागू है।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि आदेश उसके अधीन शासकीय और अशासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी प्रतिष्ठानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों से संबंधित है।

इस निर्णय के बाद संबंधित विभागों और संस्थानों को अधिसूचना के अनुसार आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्था करनी होगी।

वहीं, कर्मचारियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अवकाश की पात्रता और कार्यस्थल की व्यवस्था के संबंध में किसी भी संदेह की स्थिति में अपने विभाग या संस्थान से आधिकारिक पुष्टि प्राप्त करें।

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