अभिजीत दीपके की दादी का 85 साल की उम्र में निधन, दिल्ली में हिरासत के बीच आई दुखद खबर
Abhijit Dipak's grandmother passes away at 85, tragic news comes amid his detention in Delhi
गांव में हुआ सावित्रीबाई का निधन
सावित्रीबाई शंकर दीपके के निधन से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उम्र संबंधी समस्याओं के चलते उनका निधन हुआ। परिवार के सदस्य इस दुखद समय से गुजर रहे हैं। अभिजीत दीपके की दादी के निधन की खबर ऐसे दिन आई, जब वह दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों के चलते चर्चा में थे।
दिल्ली पहुंचते ही हिरासत में लिए गए अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके 10 अक्टूबर को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CJP के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। वह एयर इंडिया की उड़ान से दिल्ली आए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद पुलिसकर्मी उसके अंदर पहुंचे और दीपके को हिरासत में ले लिया।
इस दौरान CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रंका को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन से पहले ही पार्टी के नेताओं को लेकर विवाद शुरू हो गया।
इंस्टाग्राम लाइव में पुलिस से सवाल
हिरासत की कार्रवाई के दौरान अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर लाइव वीडियो शुरू कर दिया। वीडियो में वह और उनके साथ मौजूद पार्टी सदस्य पुलिसकर्मियों से सवाल करते दिखाई दिए। दीपके ने पूछा कि उन्हें विमान से बाहर निकलने के बाद हिरासत में क्यों नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें अपने साथ ले गए। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा में रहा।
CJP ने की नेताओं की रिहाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। पार्टी का आरोप था कि उसके नेताओं को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए हिरासत में लिया गया। CJP ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका की तत्काल रिहाई की मांग की।
पुलिस की ओर से प्रदर्शन की अनुमति को लेकर प्रक्रियागत और सुरक्षा संबंधी कारण बताए गए थे। ऐसे में इस कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आए।
ध्रुव राठी और रत्ना सिंह पर भी कार्रवाई
प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। पार्टी का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रस्तावित था।
अभिजीत दीपके की दादी के निधन और उनकी हिरासत की खबर ने इस घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया। एक तरफ परिवार शोक में है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस जारी है।

