धर्म दर्शन

Navratri 2026 Rules: नवरात्रि में बाल और नाखून काटने से क्यों बचते हैं लोग, जानें 9 दिनों की परंपराएं

Why do people avoid cutting hair and nails during Navratri? Learn the traditions of these 9 days

देहरादून: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होने जा रही है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखेंगे और घरों में घटस्थापना करेंगे। नवरात्रि में पूजा-पाठ के साथ खानपान और दिनचर्या से जुड़ी कई परंपराओं का पालन भी किया जाता है। Navratri 2026 Rules के तहत बाल और नाखून काटने से परहेज करने, सात्विक भोजन अपनाने और घर में शांति बनाए रखने जैसी मान्यताएं प्रचलित हैं।

11 अक्टूबर से शुरू होगी शारदीय नवरात्रि

हिंदू पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा और घटस्थापना की जाती है। इसके बाद नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की आराधना होती है। इस साल नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ होगा।

नवरात्रि के नियम हर परिवार और क्षेत्र में अलग हो सकते हैं। इसलिए धार्मिक मान्यताओं का पालन अपनी परंपरा और आस्था के अनुसार किया जाता है।

नवरात्रि में बाल और नाखून काटना क्यों माना जाता है वर्जित?

Navratri 2026 Rules में बाल और नाखून काटने से जुड़ी मान्यता काफी प्रचलित है। कई परिवारों में इन नौ दिनों के दौरान बाल कटवाने, दाढ़ी बनवाने और नाखून काटने से बचा जाता है। विशेष रूप से व्रत रखने वाले और घर में कलश स्थापित करने वाले श्रद्धालु इस परंपरा का पालन करते हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि साधना, संयम और आत्मअनुशासन का समय है। हालांकि, बाल या नाखून काटने से नकारात्मक ऊर्जा पैदा होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। यह परंपरा मुख्य रूप से धार्मिक आस्था से जुड़ी है।

मांसाहार, प्याज और लहसुन से भी करते हैं परहेज

नवरात्रि के दौरान कई श्रद्धालु सात्विक भोजन करते हैं। व्रत रखने वाले लोग फल, दूध, कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजन खाते हैं। कुछ परिवार इन दिनों प्याज और लहसुन का सेवन भी नहीं करते। मांसाहार और मदिरा से दूरी बनाए रखना भी कई घरों में धार्मिक नियम माना जाता है।

व्रत के दौरान सेहत का ध्यान रखना जरूरी है। पर्याप्त पानी पिएं और अपनी जरूरत के अनुसार पौष्टिक भोजन लें। लंबे समय तक भूखे रहने से कमजोरी हो सकती है।

घर में शांति और संयम बनाए रखने पर जोर

नवरात्रि में केवल खानपान ही नहीं, बल्कि व्यवहार से जुड़े नियमों को भी महत्व दिया जाता है। कई श्रद्धालु इन दिनों क्रोध, विवाद और कटु वचनों से बचने की कोशिश करते हैं। बड़ों का सम्मान करना और जरूरतमंदों की मदद करना भी इस पर्व की भावना से जुड़ा है।

घटस्थापना और अखंड ज्योति में रखें सावधानी

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। कुछ घरों में अखंड ज्योति भी जलाई जाती है। ऐसी स्थिति में दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसके आसपास ज्वलनशील वस्तुएं न रखें। घटस्थापना का सही मुहूर्त जानने के लिए स्थानीय पंचांग देखना उचित रहेगा।

Navratri 2026 Rules में बताए जाने वाले ये नियम श्रद्धालुओं को भक्ति, संयम और अनुशासन के साथ पर्व मनाने की प्रेरणा देते हैं। बाल और नाखून काटने से परहेज जैसी मान्यताओं का पालन अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।

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