Ayush Department Uttarakhand: 332 युवाओं को नियुक्ति पत्र, सीएम धामी ने कहा- सरकारी सेवा नौकरी नहीं, जनसेवा का दायित्व
Ayush Department Uttarakhand: Appointment letters handed to 332 youths; CM Dhami states that government service is not merely a job, but a responsibility of public service.
Ayush Department Uttarakhand: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। देहरादून स्थित मुख्य सेवक सदन में सोमवार को आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) के तहत चयनित 332 नव नियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इनमें आयुष विभाग के विभिन्न पदों के लिए चयनित 271 अभ्यर्थी और ESI के तहत चयनित 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारी शामिल हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकारी सेवा में प्रवेश केवल रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं है। इसके साथ समाज और आम लोगों के प्रति जिम्मेदारी भी जुड़ती है। उन्होंने सभी कार्मिकों से ईमानदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करने का आह्वान किया।
आयुष विभाग में 271 कार्मिकों की नियुक्ति
Ayush Department Uttarakhand में विभिन्न पदों पर चयनित 271 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पंचकर्म सहायक, फार्मेसी अधिकारी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सहायक समेत अलग-अलग पदों के लिए चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
वहीं, कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत 61 एलोपैथिक फार्मेसी अधिकारियों का चयन हुआ है। इस तरह दोनों विभागों और योजनाओं के तहत कुल 332 युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिला है।
सरकार का कहना है कि नए कार्मिकों के आने से स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी और प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों के योगदान को भी सराहा
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चयनित युवाओं के साथ उनके माता-पिता और अभिभावकों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसी युवा की सफलता के पीछे केवल उसकी व्यक्तिगत मेहनत नहीं होती, बल्कि परिवार का सहयोग और त्याग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामान्य परिवारों के माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करते हैं। ऐसे में सरकारी सेवा में चयन उनके लिए भी गर्व और संतोष का अवसर है।
उन्होंने नव नियुक्त कार्मिकों से कहा कि नियुक्ति पत्र उनके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है। अब उनके सामने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने और लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने की चुनौती होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशील व्यवहार पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष विभाग और कर्मचारी राज्य बीमा योजना से जुड़े कर्मचारियों का काम सीधे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है। स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचने वाला व्यक्ति उपचार के साथ भरोसा और सहानुभूति की भी उम्मीद करता है।
ऐसे में उन्होंने नए कार्मिकों से मरीजों और उनके परिवारों के साथ मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार करने की अपील की। मुख्यमंत्री के मुताबिक स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल निर्धारित कार्य पूरा करने तक नहीं है, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति के विश्वास को बनाए रखना भी उनकी भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच और सेवा भावना के साथ काम करने को कहा, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सके।
उत्तराखंड की आयुष विरासत को मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और आयुर्वेदिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में आयुष सेवाओं की विशेष भूमिका है। प्रदेश की समृद्ध आयुर्वेदिक और पारंपरिक चिकित्सा परंपरा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि नए कार्मिक अपने अनुभव, ऊर्जा और नए विचारों के माध्यम से विभागीय सेवाओं को और प्रभावी बनाने में योगदान देंगे। साथ ही, दूरदराज और जरूरतमंद क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
‘सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं’
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने नव नियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा को केवल नौकरी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार जनता के साथ सीधे संपर्क में रहने वाले कर्मचारियों के लिए ईमानदारी और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।
उन्होंने कहा कि आमजन का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसलिए निर्णय और व्यवहार दोनों में पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता जरूरी है।
मंत्री मदन कौशिक ने भी दी शुभकामनाएं
आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग के मंत्री मदन कौशिक ने भी नव नियुक्त कार्मिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुष सेवाओं को अधिक गुणवत्तापूर्ण और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि नए कर्मचारियों के विभाग से जुड़ने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में आयुष सेवाओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने नव नियुक्त कार्मिकों से अपने दायित्वों को सेवाभाव और पूरी निष्ठा के साथ निभाने की अपेक्षा जताई।
समारोह में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, चयनित अभ्यर्थी और उनके अभिभावक मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, 332 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिलने से उत्तराखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ी है। सरकार की ओर से नए कार्मिकों से अपेक्षा की गई है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाने में योगदान देंगे।

