उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026, तैयारियां अंतिम चरण में, मार्च के पहले सप्ताह तक तय होगा स्वरूप

Chardham Yatra 2026: Preparations in final stages, format to be finalised by first week of March

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज़ी से अंतिम चरण में हैं। राज्य सरकार और प्रशासनिक महकमा यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार बैठकें कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह तक यात्रा का पूरा स्वरूप तय कर लिया जाएगा, ताकि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हो सकें।

स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम बैठक

चारधाम यात्रा को लेकर 16 फरवरी को ऋषिकेश स्थित यात्रा कार्यालय में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे की अध्यक्षता में अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में यात्रा से जुड़े होटल एसोसिएशन, परिवहन संचालक, बस ऑपरेटर, डंडी-कंडी सेवा प्रदाता और स्थानीय व्यापारियों को आमंत्रित किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचना और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देना है।

तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के साथ अलग बैठक

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि स्टेकहोल्डर्स की बैठक के कुछ दिनों बाद चारधाम के तीर्थ पुरोहितों और पारंपरिक हक-हकूकधारियों के साथ भी अलग से चर्चा की जाएगी। इस बैठक में धार्मिक परंपराओं, व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े मुद्दों पर विचार होगा। प्रशासन का उद्देश्य आधुनिक सुविधाओं और धार्मिक परंपराओं के संतुलन को बनाए रखना है।

मूलभूत सुविधाओं पर विशेष जोर

प्रशासन का कहना है कि इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्ष से अधिक रहने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, आवास, यातायात, पार्किंग और आपदा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों पर मरम्मत कार्य, सफाई, चिकित्सा इकाइयों की स्थापना और सुरक्षा प्रबंधों पर तेजी से काम चल रहा है।

कपाट खुलने की तिथियां

चारधाम यात्रा की शुरुआत पारंपरिक रूप से अक्षय तृतीया से होती है। इस साल गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल सकते हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को विधिपूर्वक खोले जाएंगे, जबकि केदारनाथ धाम की तिथि महाशिवरात्रि पर घोषित होगी। अन्य धामों की तिथियों के लगभग 10 दिन बाद ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

सुरक्षा और डिजिटल निगरानी

राज्य सरकार इस बार डिजिटल मॉनिटरिंग और तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दे रही है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाएगा और आपदा प्रबंधन दल अलर्ट मोड में रहेंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाएगी और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष योजना तैयार की जाएगी।

चारधाम यात्रा उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा न केवल सुरक्षित और सुव्यवस्थित हो, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सहज और सुविधाजनक भी रहे। आगामी बैठकों के बाद मार्च के पहले सप्ताह तक यात्रा की अंतिम रूपरेखा स्पष्ट हो जाएगी।

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