उत्तराखंड

धामी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले….श्रमिक, सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को मिली राहत

6 major decisions of Dhami cabinet....relief provided to workers, security and agriculture sector

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें छह अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ये फैसले श्रम विभाग, गृह विभाग, वन विभाग और कृषि विभाग से संबंधित हैं। नए निर्णय राज्य के कर्मचारियों, दैनिक श्रमिकों, सुरक्षा तंत्र और किसानों को सीधे लाभ पहुंचाएंगे।

कोविड काल में बोनस कटौती प्रस्ताव वापस

बैठक में श्रम विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर निर्णय लिया गया। कोविड-19 महामारी के दौरान बोनस कटौती से संबंधित ‘पेमेंट ऑफ बोनस संशोधन एक्ट’ का प्रस्ताव पहले केंद्र सरकार को भेजा गया था। अब राज्य सरकार ने इसे वापस लेने का फैसला किया है। इससे कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता मिलेगी और बोनस से जुड़े नियमों में स्थिरता आएगी।

ESI डॉक्टरों की भर्ती और पदोन्नति

श्रम विभाग ने कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) योजना से जुड़े डॉक्टरों की भर्ती और पदोन्नति को मंजूरी दी। लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन कर रिक्त 94 पदों को भरने का रास्ता साफ किया गया है। इसके अलावा, सेवा में कार्यरत चिकित्सकों को पदोन्नति का लाभ मिलेगा। इससे श्रमिकों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को 22 नए पद

गृह विभाग के प्रस्ताव पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के लिए 22 नए पद सृजित किए गए। बढ़ती नशा तस्करी के मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह कदम अहम है। अतिरिक्त मानव संसाधन मिलने से टास्क फोर्स की कार्यक्षमता बढ़ेगी और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को गति मिलेगी।

हैबिचुअल ऑफेंडर की परिभाषा में बदलाव

गृह विभाग ने कारागार अधिनियम में संशोधन कर ‘हैबिचुअल ऑफेंडर’ की परिभाषा केंद्र सरकार की परिभाषा के अनुसार अपनाने का निर्णय लिया। इससे कानूनी प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी और अपराधियों के वर्गीकरण में सुधार होगा।

वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन

वन विभाग में कार्यरत कुल 893 दैनिक श्रमिकों में से 579 को अब 18 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन देने की मंजूरी दी गई। पहले 314 श्रमिकों को यह लाभ मिल चुका था। इस फैसले से लंबे समय से वेतन असमानता झेल रहे श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।

कृषि क्षेत्र के लिए सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना

कृषि विभाग ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद उन्नयन योजना को 2025-26 तक जारी रखने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य किसानों को उन्नत खाद तकनीकों से जोड़ना और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। इससे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय में सुधार होगा।

धामी कैबिनेट के ये निर्णय राज्य के विकास और सुशासन की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। श्रमिकों और कर्मचारियों को आर्थिक लाभ, सुरक्षा तंत्र को मजबूती और किसानों को प्रोत्साहन देने वाले ये कदम जनहित की प्राथमिकता को दर्शाते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button