देहरादून में शादी सीजन का असर, बढ़ती भीड़ से निपटने को पुलिस सक्रिय, भारी वाहनों पर रूट डायवर्जन लागू
Wedding season impacts Dehradun; police activate to deal with increasing crowds, route diversions implemented for heavy vehicles
देहरादून: शादी का सीजन शुरू होते ही राजधानी के कई इलाकों में ट्रैफिक दबाव बढ़ने लगा है। गेस्ट हाउस, मैरिज हॉल और लॉन के बाहर अचानक बढ़ी भीड़ के चलते कई मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए देहरादून पुलिस ने विशेष तैयारी कर ली है, ताकि शहरवासियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यातायात दबाव वाले मार्गों पर भारी वाहनों पर रोक
एसएसपी अजय सिंह ने बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शहर के व्यस्त मार्गों पर निर्धारित समय तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। आईएसबीटी, कारगी चौक, हरिद्वार बाईपास रोड, रिस्पना पुल से जोगीवाला तक का इलाका शादी समारोहों के दौरान सबसे अधिक प्रभावित होता है। इन मार्गों पर स्थित बड़ी संख्या में होटल, वेडिंग पॉइंट और फार्म हाउस के कारण यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है।
एसएसपी के आदेश पर आज से अग्रिम निर्देशों तक दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक इन मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसका उद्देश्य शादी सीजन में बढ़ने वाले ट्रैफिक को संतुलित कर सुचारू यातायात प्रणाली सुनिश्चित करना है।
रूट डायवर्जन के नए दिशा-निर्देश
भीड़-भाड़ नियंत्रण में रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने विभिन्न दिशाओं से आने वाले भारी वाहनों को वैकल्पिक स्थानों पर पार्क करने का निर्णय लिया है।
- हरिद्वार से आने वाले भारी वाहन लालतप्पड़ में पार्क किए जाएंगे।
- हिमाचल और पांवटा साहिब की ओर से आने वाले वाहन नया गांव में रोके जाएंगे।
- सहारनपुर और उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहन आशारोड़ी क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर खड़े किए जाएंगे।
- विकासनगर की दिशा से आने वाले वाहन प्रेमनगर और सेलाकुई सीमा पर पार्क किए जाएंगे।
पुलिस का दावा है कि इन व्यवस्थाओं से मुख्य मार्गों पर भीड़ कम होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी।
ड्रग्स-फ्री अभियान भी तेज
इसी बीच दून पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ड्रग्स-फ्री अभियान को भी और गति दी गई है। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों में छात्रों से पहले ही शपथ पत्र भराए गए थे कि वे ड्रग्स टेस्ट के लिए तैयार रहेंगे। इसी क्रम में पुलिस, प्रशासन और मेडिकल टीम ने एक निजी संस्थान का निरीक्षण किया, जहां 10 छात्रों के ब्लड सैंपल लिए गए और 45 छात्रों का मेडिकल परीक्षण कराया गया।
एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छात्र के टेस्ट में ड्रग्स सेवन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में भी जागरूक किया गया। आने वाले दिनों में अन्य शिक्षण संस्थानों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
पिछले निरीक्षणों में यूरिन टेस्ट के दौरान किसी भी छात्र में नशे का सेवन पाया नहीं गया था। पुलिस का लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करना है।
देहरादून पुलिस की इन दोहरी तैयारियों—ट्रैफिक प्रबंधन और ड्रग्स-फ्री अभियान—का उद्देश्य शहर में व्यवस्था और सुरक्षा को मजबूत बनाना है, ताकि नागरिक बेझिझक और सुरक्षित वातावरण में अपना दैनिक जीवन जी सकें।

