दो दिन की दीपावली से खिल उठे व्यापारियों के चेहरे, बाजारों में रौनक ने दी नई ऊर्जा
The two-day Diwali brought smiles to the faces of traders, bringing new energy to the markets.
देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड समेत पूरे देश में इस बार दीपावली का त्योहार दो दिनों तक मनाया गया, जिससे बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है। 20 अक्टूबर को अधिकांश हिस्सों में दीपावली का मुख्य पर्व मनाया गया, जबकि कई क्षेत्रों में 21 अक्टूबर को भी लोगों ने घरों और दुकानों को दीपों से सजाकर त्योहार मनाया। दो दिन की इस दिवाली ने न केवल लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई बल्कि व्यापारियों के लिए भी यह संजीवनी साबित हुई।
दो दिन की दीपावली से बाजारों में बढ़ी रौनक
देहरादून, हरिद्वार, रुड़की, हल्द्वानी और ऋषिकेश जैसे शहरों में दीपावली के अगले दिन भी बाजारों में भीड़ बनी रही। दुकानों पर मिठाइयों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़ों और सजावटी वस्तुओं की खरीदारी जोरों पर रही। त्योहार के दूसरे दिन भी ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ। व्यापारी वर्ग के अनुसार, “इस बार दीपावली दो दिनों तक चलने से बिक्री लगभग दोगुनी रही है।”
व्यापारियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
कोविड के बाद से लगातार आर्थिक दबाव झेल रहे छोटे और मध्यम व्यापारी इस बार राहत महसूस कर रहे हैं। लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे दुकानदारों के लिए दीपावली मानो ‘ऑक्सीजन’ लेकर आई। शहर के प्रमुख व्यापारी सतीश अग्रवाल ने बताया, “इस बार का त्योहार उम्मीद से कहीं बेहतर रहा। लोग न सिर्फ पारंपरिक सामान खरीद रहे हैं, बल्कि इस बार आधुनिक वस्तुओं में भी उनकी दिलचस्पी बढ़ी है।”
जीएसटी स्लैब में बदलाव से भी बढ़ी बिक्री
पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी स्लैब में की गई कटौती का असर भी बाजारों पर साफ दिखा। कम टैक्स दरों के कारण इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू उपकरणों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। व्यापारी संगठनों का कहना है कि इस फैसले ने उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित किया, जिससे बाजार की मंदी कुछ हद तक दूर हुई।
हर सेक्टर में आई बिक्री की लहर
सोने और चांदी के बढ़े दामों के बावजूद ज्वेलरी शॉप्स पर भीड़ लगी रही। लोगों ने शुभ मुहूर्त पर गहनों और सिक्कों की खरीदारी की। इसके अलावा ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। दोपहिया वाहनों, स्मार्ट टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की बिक्री पिछले साल की तुलना में काफी अधिक रही।
त्योहारी सीजन ने जगाई उम्मीदें
व्यापारियों का कहना है कि इस बार दीपावली ने उनके लिए नया उत्साह और आत्मविश्वास जगाया है। महेश जैन, एक स्थानीय व्यापारी कहते हैं, “इस दीपावली ने यह भरोसा दिलाया है कि भारतीय बाजार फिर से अपनी रफ्तार पकड़ रहा है। लोगों की परचेजिंग पावर बढ़ रही है और त्योहारों में खर्च करने की परंपरा अभी भी जीवित है।”


