उत्तराखंड

Waqf Property Verification: धामी सरकार का अल्टीमेटम, उम्मीद पोर्टल पर दर्ज नहीं हुई Waqf Property पर होगा बड़ा एक्शन

Waqf Property Verification: Dhami Government Issues Ultimatum—Major Action to Be Taken Against Waqf Properties Not Registered on the Umeed Portal.

उत्तराखंड में वक्फ संपत्तियों को लेकर सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। Waqf Property Verification की प्रक्रिया तेज कर दी गई है और साफ कर दिया गया है कि जो संपत्तियां तय समय सीमा तक केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर दर्ज नहीं होंगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। धामी सरकार का यह कदम राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी भूमि पर संभावित अवैध कब्जों की जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

4,500 से अधिक संपत्तियां अब भी पोर्टल पर दर्ज नहीं

राज्य सरकार के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत सात हजार से अधिक संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें मस्जिद, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह, मजारे, इमामबाड़े और अन्य धार्मिक-सामाजिक संस्थान शामिल हैं। लेकिन Waqf Property Verification के तहत अब तक केवल लगभग 3,700 संपत्तियों का ही विवरण उम्मीद पोर्टल पर अपलोड किया गया है। यानी 4,500 से अधिक संपत्तियों का रिकॉर्ड अब भी लंबित है।

यही स्थिति सरकार की चिंता का कारण बनी हुई है। शासन का मानना है कि यदि सभी दस्तावेज वैध और उपलब्ध हैं, तो पोर्टल पर उनका पंजीकरण कराने में कोई कठिनाई नहीं होनी चाहिए।

क्या है उम्मीद पोर्टल और क्यों जरूरी है पंजीकरण

केंद्र सरकार ने वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रबंधन के उद्देश्य से ‘उम्मीद पोर्टल’ शुरू किया है। Waqf Property Verification के लिए इस पोर्टल पर वक्फनामा, खसरा-खतौनी, सीमांकन, स्वामित्व प्रमाण और अन्य राजस्व दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है।

इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि संबंधित भूमि वास्तव में वक्फ की है या नहीं। साथ ही रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होने से निगरानी और सत्यापन आसान हो जाएगा।

सरकार को अवैध कब्जों का संदेह

राज्य सरकार को आशंका है कि कुछ संपत्तियों में राजस्व अभिलेख और वक्फ रिकॉर्ड के बीच अंतर हो सकता है। Waqf Property Verification के दौरान ऐसे मामलों की जांच की जाएगी जहां सरकारी भूमि पर कब्जा कर बाद में उसे वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने की आशंका है।

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य किसी धार्मिक संस्था को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि केवल यह सुनिश्चित करना है कि सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड पारदर्शी और कानूनी रूप से स्पष्ट हो।

6 अगस्त तक का अंतिम अवसर

शासन ने मुतवल्लियों और संबंधित प्रबंधन समितियों को 6 अगस्त तक का समय दिया है। इस अवधि के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेज उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। यदि निर्धारित समय तक रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया जाता, तो Waqf Property Verification के आधार पर ऐसी संपत्तियों की विस्तृत जांच शुरू की जा सकती है। इसके बाद राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियां मिलकर जमीनों के स्वामित्व और रिकॉर्ड का परीक्षण करेंगी।

हरिद्वार और देहरादून सबसे संवेदनशील जिले

जिलावार आंकड़ों के अनुसार हरिद्वार में सबसे अधिक ऐसी संपत्तियां सामने आई हैं, जिनका विवरण अभी तक पोर्टल पर दर्ज नहीं किया गया। देहरादून में भी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड लंबित हैं। पहाड़ी जिलों में भी कुछ संपत्तियों के दस्तावेज अपलोड नहीं किए गए हैं। इस वजह से Waqf Property Verification अभियान के दौरान इन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

वक्फ बोर्ड और सरकार दोनों सख्त

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा है कि वक्फ संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को हटाया जाएगा और संपत्तियों का उपयोग जरूरतमंदों के हित में किया जाएगा। वहीं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री खजान दास ने भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं इस प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि Waqf Property Verification केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राजनीतिक और सामाजिक महत्व

यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बन सकता है। जहां सरकार इसे कानून और पारदर्शिता से जोड़ रही है, वहीं विपक्ष इसकी मंशा पर सवाल उठा सकता है। हालांकि शासन ने दोहराया है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल वैध दस्तावेजों का सत्यापन और सरकारी भूमि की सुरक्षा है।

पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि Waqf Property Verification से न केवल रिकॉर्ड व्यवस्थित होंगे, बल्कि विवादित संपत्तियों की स्थिति भी स्पष्ट होगी। इससे भविष्य में भूमि संबंधी विवादों को कम करने और संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।

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