कीमती धातुओं में भूचाल, चांदी पहली बार ₹4 लाख के करीब, सोने ने रचा नया इतिहास
Turmoil in precious metals market, silver nears ₹4 lakh for the first time, gold creates new history.
नई दिल्ली: भारतीय कमोडिटी बाजार में बुधवार को ऐसी हलचल देखने को मिली, जिसने निवेशकों का ध्यान पूरी तरह खींच लिया। सोना और चांदी दोनों ही कीमतों के नए शिखर पर पहुंच गए। वैश्विक आर्थिक हालात, बढ़ते तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच चांदी ने करीब ₹4 लाख प्रति किलोग्राम का स्तर छू लिया, जबकि सोने की कीमतें ₹1.8 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आईं।
चांदी की कीमतों में तेज उछाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के वायदा सौदों में जोरदार खरीदारी देखी गई। कारोबार के दौरान इसमें तेज उछाल दर्ज किया गया और कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गईं। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की मांग सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि औद्योगिक उपयोग में भी इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चांदी की खपत बढ़ने से इसकी कीमतों को अतिरिक्त सहारा मिला है।
सोने ने भी कायम रखी चमक
सोने की बात करें तो इसने भी निवेशकों को चौंकाया है। MCX पर सोने के वायदा भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ने के कारण निवेशक तेजी से सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
तेजी के पीछे क्या हैं वजहें
विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमती धातुओं में इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण काम कर रहे हैं। पहला, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कम किया है। दूसरा, डॉलर की कमजोरी से सोना-चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा आकर्षक बने हैं। तीसरा, कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को लगातार बढ़ा रहे हैं, जिससे मांग को मजबूती मिल रही है।
निवेशकों को मिला मजबूत रिटर्न
इस साल की शुरुआत से अब तक चांदी ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। वहीं सोने ने भी लगातार मजबूती दिखाते हुए लंबी अवधि के निवेशकों को फायदा पहुंचाया है। यही वजह है कि मौजूदा दौर में कीमती धातुएं निवेशकों की पहली पसंद बनी हुई हैं।
आगे की राह पर नजर
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए संतुलित और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है। सोना और चांदी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अनिश्चित समय में ये निवेश के सबसे भरोसेमंद विकल्प बने रहते हैं।


