Uttarakhand Road Projects: ₹1.30 लाख करोड़ की प्लानिंग, Economic Corridor से बदलेगा खेल!
Uttarakhand Road Projects: ₹1.30 Lakh Crore Planned—The Economic Corridor Will Be a Game-Changer!
उत्तराखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि राज्य को Uttarakhand Road Projects के तहत करीब 1.30 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं मंजूर की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में कनेक्टिविटी सुधारना, पर्यटन को बढ़ावा देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
Economic Corridor से खुलेगा विकास का रास्ता
नितिन गडकरी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को उत्तराखंड की प्रगति का नया द्वार बताया। उन्होंने कहा कि यह Uttarakhand Road Projects का अहम हिस्सा है, जो राज्य को तेज़ विकास की दिशा में आगे बढ़ाएगा। इस कॉरिडोर से दिल्ली और देहरादून के बीच दूरी और समय दोनों कम होंगे, जिससे लोगों को यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी।
कितना काम हुआ, कितना बाकी
गडकरी के अनुसार, अब तक लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की लागत से 2461 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 35 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर काम जारी है। वहीं करीब 80 हजार करोड़ रुपये की नई Uttarakhand Road Projects अभी पाइपलाइन में हैं, जिन पर जल्द काम शुरू होगा।
उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा लाभ
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इससे इन इलाकों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान
गडकरी ने कहा कि इन Uttarakhand Road Projects से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। देहरादून, हरिद्वार, मसूरी और चारधाम जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में अब कम समय लगेगा। इससे पर्यटन उद्योग को बड़ा फायदा होगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यावरण का भी रखा गया ध्यान
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर की खास बात यह है कि इसे बनाते समय पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए डाट काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग बनाई गई है। इसके अलावा करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर भी तैयार किया गया है, जो एशिया का सबसे बड़ा कॉरिडोर माना जा रहा है।
कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार
बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। Uttarakhand Road Projects के जरिए राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्य बाजारों से जोड़ा जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
रोजगार के नए अवसर
इन परियोजनाओं के चलते निर्माण कार्यों में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही सड़क बनने के बाद पर्यटन और व्यापार बढ़ने से स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
चारधाम यात्रा को भी मिलेगा फायदा
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है। बेहतर सड़क सुविधाओं से यात्रा और भी सुगम होगी। Uttarakhand Road Projects के तहत चारधाम मार्गों को मजबूत और सुरक्षित बनाया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा।



