उत्तराखंड के 97% गांवों में पहुंचा 4G नेटवर्क, रजत जयंती वर्ष में राज्य ने डिजिटल विकास की नई उड़ान भरी
4G network has reached 97% of villages in Uttarakhand; the state has taken a new leap in digital development during its silver jubilee year.
देहरादून: उत्तराखंड के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, और इस रजत जयंती वर्ष में राज्य ने डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य के 97% से अधिक गांवों में 4G नेटवर्क की सुविधा पहुंच चुकी है, जिससे प्रदेश डिजिटल इंडिया मिशन के तहत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में अब भी नेटवर्क की समस्या बनी हुई है।
पर्वतीय भौगोलिक चुनौतियों के बीच डिजिटल विस्तार
उत्तराखंड की जटिल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, राज्य सरकार और केंद्र की संयुक्त पहल से नेटवर्क विस्तार पर लगातार काम हो रहा है। हालांकि कई गांवों में अब भी सिग्नल कमजोर या अनुपलब्ध हैं, लेकिन राज्य के 17,334 गांवों में से 16,807 गांवों में 4G नेटवर्क सक्रिय है। यानी लगभग 96.96 प्रतिशत आबादी अब मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं से जुड़ चुकी है।
राज्य में मोबाइल कनेक्टिविटी के मजबूत आंकड़े
दूरसंचार विभाग के अनुसार, राज्य में कुल 40,466 बेस ट्रांसीवर स्टेशन (BTS) काम कर रहे हैं। इनमें 4G के 26,332, 5G के 5,902, 3G के 2,105 और 2G के 6,127 स्टेशन शामिल हैं। इन टावरों की मदद से अब राज्य के लगभग हर हिस्से तक मोबाइल नेटवर्क पहुंचाया जा रहा है।
चारधाम में भी अब मिलेगी 5G सुविधा
पहाड़ी इलाकों में नेटवर्क की सीमित पहुंच हमेशा चुनौती रही है, खासकर चारधाम यात्रा के दौरान। लेकिन अब यह समस्या काफी हद तक दूर हो गई है। जियो ने चारों धामों (केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री) में 5G कनेक्टिविटी और फाइबर लाइन की सुविधा शुरू कर दी है। वहीं एयरटेल ने केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में यह सुविधा दी है। इससे श्रद्धालुओं को निर्बाध कनेक्शन और तेज़ इंटरनेट मिल रहा है।
594 नए टावरों से और मजबूत होगा नेटवर्क
डिजिटल भारत निधि योजना के तहत उत्तराखंड में 594 मोबाइल टावर लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 451 टावर पहले ही सक्रिय हो चुके हैं। इनमें 410 टावर बीएसएनएल और 41 जियो के हैं। उम्मीद है कि शेष टावर लगने के बाद दुर्गम इलाकों की कनेक्टिविटी समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
1.5 करोड़ से अधिक मोबाइल यूजर्स
सितंबर 2025 तक राज्य में 1.5 करोड़ मोबाइल नेटवर्क यूजर्स दर्ज किए गए हैं। अप्रैल 2024 में यह संख्या 1.4 करोड़ थी, यानी केवल छह महीनों में 10 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। भारत नेट प्रोजेक्ट के तहत सभी ग्राम पंचायतों को फाइबर इंटरनेट से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है।
सरकार की प्राथमिकता – हर गांव तक डिजिटल पहुंच
दूरसंचार विभाग के उप महानिदेशक (ग्रामीण) राजीव बंसल ने बताया कि उत्तराखंड की भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद सरकार का लक्ष्य हर गांव तक मोबाइल और इंटरनेट पहुंचाना है। वहीं राज्य के दूरसंचार निदेशक लवी गुप्ता ने कहा कि अब उत्तराखंड के लगभग हर जिले में 4G नेटवर्क उपलब्ध है, और 5G विस्तार पर तेजी से काम चल रहा है।

