हरिद्वार – उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर प्रदेश की एकता और अखंडता को सर्वोपरि बताते हुए क्षेत्रवाद फैलाने वालों को कड़ा संदेश दिया है। हरिद्वार में महाराजा अग्रसेन अग्रवाल आश्रम ट्रस्ट के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होते हुए उन्होंने कहा, “उत्तराखंड एक है और यहां विघटनकारी सोच के लिए कोई जगह नहीं है।”
विघटनकारी तत्वों को चेतावनी
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ समय से कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रदेश को क्षेत्रवाद और जातिवाद के नाम पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को चेतावनी दी कि उत्तराखंड की सामाजिक समरसता और एकता को किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। धामी ने कहा, “उत्तराखंड में एकता और अखंडता को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए जो भी करना पड़े, हम पीछे नहीं हटेंगे।”
ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर पर संवाद आधारित विकास
कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर योजना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन विकास संवाद के माध्यम से किया जाएगा। “जहां लोग सहमत होंगे, वहीं कार्य आगे बढ़ेगा,” उन्होंने कहा, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार विकास के साथ जनभावनाओं को भी महत्व दे रही है।
कुंभ 2027 की तैयारियां और फ्लोटिंग पॉपुलेशन पर जोर
सीएम ने आगामी कुंभ 2027 की तैयारियों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में साल दर साल तेजी से वृद्धि हो रही है। “उत्तराखंड की स्थायी जनसंख्या की तुलना में हमें सालाना उससे 7-8 गुना ज्यादा लोगों की व्यवस्था करनी पड़ती है,” उन्होंने कहा।
नीति आयोग के समक्ष नई मांग
धामी ने नीति आयोग से आग्रह किया है कि राज्य को मिलने वाली सहायता राशि को केवल स्थायी जनसंख्या के आधार पर नहीं, बल्कि ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ यानी बाहर से आने वाले करोड़ों पर्यटकों के आधार पर तय किया जाए। इससे प्रदेश को आवश्यक संसाधनों की पूर्ति में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह बयान प्रदेश में एकता और समरसता के लिए मजबूत संकेत है। साथ ही, उनकी विकास योजनाओं में जनसंवाद और समावेशी दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलकता है।

