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हल्द्वानी के सरकारी स्कूलों में किताबों का इंतजार खत्म

The wait for books in Haldwani's government schools is over

छात्रों के लिए आई खुशखबरी

हल्द्वानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अब उन्हें किताबों के इंतजार से मुक्ति मिल गई है। शिक्षा विभाग ने जिले के सभी स्कूलों में नई पाठ्य पुस्तकों की आपूर्ति शुरू कर दी है।

50 हजार से अधिक छात्रों को मिलेंगी किताबें

इस बार जिले के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षा विभाग को कुल 1 लाख 22 हजार नई किताबें प्राप्त हुई हैं, जिन्हें प्राथमिक से उच्च माध्यमिक विद्यालयों तक भेजा जा रहा है। इससे छात्रों को पढ़ाई में कोई बाधा नहीं आएगी।

121 इंटर कॉलेज और 934 प्राथमिक स्कूलों तक वितरण

जिले के 121 इंटर कॉलेज, 69 हाईस्कूल और 934 प्राथमिक स्कूलों में किताबों का वितरण किया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार किताबें निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रबंध किया है।

पुरानी किताबों से पढ़ाई का दौर खत्म

अब तक किताबों की कमी के कारण स्कूलों में बुक बैंक से पुरानी किताबों के जरिए पढ़ाई कराई जा रही थी। लेकिन अब जब नई किताबें जिले के राजपुरा गोदाम में पहुंच गई हैं, तो तेजी से वितरण कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों में उत्साह का माहौल है।

मुख्य शिक्षा अधिकारी ने दी जानकारी

मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) गोविंद राम जयसवाल ने बताया कि किताबें कुछ देरी से पहुंची थीं, लेकिन अब सभी स्कूलों में उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किताबें छात्रों को बिल्कुल मुफ्त प्रदान की जाएंगी ताकि किसी भी छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।

भविष्य में समय से वितरण का लक्ष्य

शिक्षा विभाग ने भविष्य के लिए भी तैयारी कर ली है ताकि आने वाले वर्षों में नए सत्र की शुरुआत से पहले ही सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएं। जिला शिक्षा अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि हर छात्र तक किताबें समय से पहुंचे और हर सप्ताह वितरण की समीक्षा की जाए।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

हल्द्वानी में इस पहल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को न केवल समय पर सामग्री मिलेगी, बल्कि अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी स्कूलों पर और मजबूत होगा। शिक्षा विभाग के इस प्रयास से क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार आएगा।

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