चमोली में माइनस 10 डिग्री तक पहुंचा तापमान, नदी-नाले और हेमकुंड साहिब का सरोवर जमे
Temperatures in Chamoli have dropped to minus 10 degrees Celsius, causing rivers, streams, and the lake at Hemkund Sahib to freeze.
चमोली: उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज ने आम जनजीवन की चिंता बढ़ा दी है। बारिश और बर्फबारी न होने के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक सूखी ठंड का असर साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल अगले कुछ समय तक मौसम की यही स्थिति बनी रह सकती है। बारिश के अभाव में दिन और रात के तापमान में स्पष्ट अंतर देखने को मिल रहा है, जिससे सुबह और शाम ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
दिन में भी ठंड, रातें और सर्द
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके चलते दिन के समय भी ठंड का अहसास हो रहा है। वहीं न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण रातें ज्यादा सर्द हो गई हैं। मैदानी इलाकों में कोहरा छाने लगा है, जिससे दृश्यता कम हो रही है और लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली में कड़ाके की ठंड, जम गए गाड़-गदेरे
अगर चमोली जनपद की बात करें तो यहां ठंड अपने चरम पर पहुंच गई है। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में रात का तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। इस भीषण ठंड के चलते गाड़-गदेरे, छोटी नदियां और झरने पूरी तरह जम गए हैं। कई स्थानों पर पानी बर्फ में तब्दील होकर अलग-अलग आकृतियां बना रहा है, जो लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई हैं।
पर्यटकों में उत्साह, नजारों को देखने पहुंच रहे लोग
जमी हुई नदियों और झरनों का नजारा देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटक चमोली पहुंच रहे हैं। हालांकि ठंड बेहद तीव्र है, इसके बावजूद प्राकृतिक बर्फीले दृश्य सैलानियों को अपनी ओर खींच रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और बर्फबारी न होने से ठंड और ज्यादा चुभन वाली हो गई है, जिसे सहना मुश्किल हो रहा है।
हेमकुंड साहिब का पवित्र सरोवर पूरी तरह जमा
चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र धार्मिक तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब का सरोवर भी पूरी तरह से जम चुका है। क्षेत्र में लंबे समय से पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण सरोवर और उसके आसपास की सतह पर मोटी जमी हुई परतें साफ दिखाई दे रही हैं। इस वर्ष नवंबर में हुई पहली बर्फबारी के बाद दोबारा बर्फ नहीं गिरी है। उल्लेखनीय है कि हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए 10 अक्टूबर को दोपहर एक बजे के बाद बंद कर दिए गए थे।
बर्फबारी का इंतजार कर रहे स्थानीय लोग
भीषण ठंड से बेहाल स्थानीय लोग अब बारिश और बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में यह आम धारणा है कि अच्छी बारिश या बर्फबारी के बाद सूखी ठंड का असर कुछ कम हो जाता है और मौसम में राहत मिलती है। फिलहाल, चमोली के पर्वतीय इलाकों में पड़ रही इस कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और लोग मौसम में बदलाव की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



