पीसीएस मुख्य परीक्षा स्थगन पर असमंजस, सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है उत्तराखंड लोक सेवा आयोग
Confusion over the postponement of the PCS main examination; Uttarakhand PSC may approach the Supreme Court.
पीसीएस मुख्य परीक्षा स्थगन पर अब सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
देहरादून: उत्तराखंड पीसीएस मुख्य परीक्षा को स्थगित करने के हाईकोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग सुप्रीम कोर्ट की शरण लेने पर विचार कर रहा है। आयोग ने इस संबंध में अपनी लीगल सेल से सुझाव मांगा है, ताकि आगे की रणनीति को स्पष्ट किया जा सके। एक गलत प्रश्न को लेकर विवाद बढ़ने के बाद अब मामले के कानूनी पहलू और जटिल हो गए हैं।
गलत प्रश्न के विवाद से हाईकोर्ट ने लगाई रोक
प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए एक गलत प्रश्न को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज की थी। इन्हीं आपत्तियों के आधार पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मुख्य परीक्षा पर रोक लगा दी। यह आदेश आते ही आयोग ने परीक्षा स्थगित कर दी और अपनी वेबसाइट पर आधिकारिक सूचना जारी कर दी।
लंबे समय से चल रही भर्ती प्रक्रिया पर पड़ा असर
उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2025 की प्रक्रिया कई महीनों से जारी थी। प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद कुछ उम्मीदवारों ने सामान्य अध्ययन के एक प्रश्न पर आपत्ति जताई थी, जिसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि गलत प्रश्न हटाकर नई मेरिट सूची जारी की जाए। इसी के चलते पूरी प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है।
6 और 9 दिसंबर की परीक्षा तिथियां रद्द, संशोधित परिणाम का इंतजार
पीसीएस मुख्य परीक्षा 6 और 9 दिसंबर को आयोजित की जानी थी, लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इन्हें स्थगित कर दिया गया। कोर्ट का कहना है कि गलत प्रश्न हटाने के बाद संशोधित परिणाम जारी करना अनिवार्य है। नए परिणाम आने के बाद ही उम्मीदवारों की मेरिट दोबारा तय होगी, और उसी आधार पर मुख्य परीक्षा की नई तिथियां घोषित की जाएंगी।
नई मेरिट सूची से बदल सकता है परीक्षा का पूरा स्वरूप
संशोधित मेरिट सूची जारी होने के बाद कई उम्मीदवारों की स्थिति बदल सकती है, जिससे अगले चरण की प्रक्रिया प्रभावित होना तय है। यही वजह है कि लोक सेवा आयोग किसी भी निर्णय को जल्दबाजी में लेने से बच रहा है। आयोग पहले कानूनी रूप से यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आगे उठाया गया हर कदम न्यायसंगत और पारदर्शी हो।
आयोग ने सभी विकल्प खुले रखे, कानूनी सलाह के बाद अगला कदम
लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक पांडे ने बताया कि फिलहाल सभी विकल्प खुले हैं और सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी गई है और संशोधित तिथियां बाद में जारी होंगी।
हजारों अभ्यर्थी संशोधित परिणाम और नई तारीखों का इंतजार कर रहे
परीक्षा स्थगन से हजारों अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं, जो अब नई मेरिट सूची और नई परीक्षा तिथियों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। आयोग के सुप्रीम कोर्ट जाने या संशोधित परिणाम जारी करने से संबंधित निर्णय आने वाले दिनों में इस पूरे प्रकरण की दिशा तय करेंगे।

