अमित शाह ने CBI की साइबर क्राइम शाखा का शुभारंभ किया, डिजिटल सुरक्षा और भुगतान तंत्र को बताया राष्ट्रीय प्राथमिकता
Amit Shah launches CBI's cyber crime wing, calls digital security and payment systems a national priority
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की नई साइबर क्राइम शाखा का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (S4C) डैशबोर्ड को भी लॉन्च किया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में शाह ने कहा कि तेजी से बढ़ते डिजिटल इकोसिस्टम के साथ साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना आवश्यक हो गया है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए समन्वित रणनीति जरूरी
गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि I4C, CBI, राज्य पुलिस, NIA, ED, दूरसंचार विभाग, बैंकिंग संस्थान, MeitY, RBI और न्यायपालिका के बीच बेहतर तालमेल से ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान संभव है।
उन्होंने बताया कि नई साइबर क्राइम शाखा और S4C डैशबोर्ड राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय को मजबूत करेंगे। इससे साइबर ठगी, डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन अपराधों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।
डिजिटल वित्तीय समावेशन में तेज़ प्रगति
अमित शाह ने डिजिटल भुगतान प्रणाली के विस्तार को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि देश में RuPay डेबिट कार्ड की संख्या 39 करोड़ से अधिक हो चुकी है और यह आंकड़ा जल्द ही 50 करोड़ के पार पहुंच सकता है। यह डिजिटल लेनदेन के प्रति बढ़ते भरोसे का संकेत है।
जन-धन योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 57 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इससे करोड़ों परिवार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े हैं, जो डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्रदान करता है।
डिजिटल इंडिया की बदलती तस्वीर
गृह मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने डिजिटल क्षेत्र में उल्लेखनीय छलांग लगाई है। जहां पहले इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या सीमित थी, वहीं अब देश में एक अरब से अधिक लोग इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं। ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और सस्ती डेटा दरों ने डिजिटल सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट डेटा की कीमतों में भारी कमी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर घटा है। भारतनेट परियोजना के माध्यम से लाखों पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा गया है, जिससे प्रशासनिक सेवाओं और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
UPI ट्रांजैक्शन में रिकॉर्ड उछाल
शाह ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए हो रहे लेनदेन में हुई रिकॉर्ड वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजैक्शन की संख्या और कुल राशि में लगातार इजाफा हो रहा है, जो भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान परिदृश्य में अग्रणी बनाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि डिजिटल प्रगति के साथ साइबर सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना समय की मांग है। CBI की नई साइबर क्राइम शाखा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के डिजिटल भविष्य को सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।



