उत्तराखंड

देहरादून में पहली बार एबीवीपी का राष्ट्रीय अधिवेशन, 1500 प्रतिनिधि हुए शामिल

ABVP's first national convention in Dehradun, 1500 delegates attended

देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पहली बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन की शुरुआत आज परेड ग्राउंड में हुई। देशभर से लगभग 1500 प्रतिनिधि इस 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। परिसर में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के विशाल कलात्मक मॉडल तैयार किए गए हैं, जो आगंतुकों का मुख्य आकर्षण बने हुए हैं।

अधिवेशन में दिखी उत्तराखंड संस्कृति की झलक

अधिवेशन परिसर में उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन, स्थानीय पहनावा, और विशिष्ट कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई है। प्रदेश की संस्कृति को जीवंत रूप से दिखाने के लिए अलग-अलग थीम वाले स्टॉल तैयार किए गए हैं। इन प्रदर्शनी स्टॉल्स ने न केवल छात्रों बल्कि अन्य राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधियों को भी बहुत आकर्षित किया है।

देशभर से आए प्रतिनिधि हुए प्रभावित

देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड की संस्कृति और अधिवेशन परिसर में तैयार की गई कलात्मक प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। नेपाल से आई प्रतिनिधि जमुना ने बताया कि वे पहली बार उत्तराखंड आई हैं और यहां की पारंपरिक संस्कृति व पहाड़ी रंगों ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि अधिवेशन स्थल पर बनाई गई कलाकृतियां बेहद आकर्षक हैं।

पहली बार उत्तराखंड पहुंचीं असम की छात्राओं में उत्साह

असम की प्रतिनिधि शीतू ने बताया कि ABVP का राष्ट्रीय अधिवेशन पहली बार उत्तराखंड में आयोजित हो रहा है, और वह पहली बार यहां पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन बेहद पसंद आए। शीतू ने बताया कि वे हिल एरिया से आती हैं, इसलिए उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता उन्हें घर जैसी महसूस हुई। उन्होंने आगे कहा कि वे पहले हरिद्वार गईं, जहां उन्होंने गंगा स्नान किया और फिर ऋषिकेश में गंगा आरती में शामिल हुईं, जिसे वे जीवन का खास अनुभव बताती हैं। उन्होंने कहा कि असम में गंगा नहीं है, इसलिए गंगा स्नान और आरती में शामिल होना उनके लिए लंबे समय से एक विशेष इच्छा थी।

सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का मंच बना अधिवेशन

देहरादून में हो रहा यह अधिवेशन न केवल छात्रों के लिए एक बड़ा आयोजन है, बल्कि यह सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय समरसता का भी मंच बन गया है। विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड की मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। आयोजकों के अनुसार अधिवेशन के दौरान कई शैक्षणिक, सांस्कृतिक और संगठनात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।

यह आयोजन उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया है, जिसने देशभर के युवा प्रतिनिधियों को एक साथ जोड़कर संस्कृति, परंपरा और विचारों के आदान-प्रदान का बड़ा मंच प्रदान किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button