उत्तराखंड

Uttarakhand Political Controversy:उत्तराखंड में बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सियासी संग्राम, कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के तीखे बोल, कांग्रेस ने किया पलटवार

Uttarakhand Political Controversy: Political battle over deteriorating law and order in Uttarakhand, sharp words from Cabinet Minister Ram Singh Kaida, Congress retaliates

उत्तराखंड में हालिया आपराधिक घटनाओं के बाद राज्य की कानून व्यवस्था (Law and Order) को लेकर सियासत गरमा गई है। जहाँ एक ओर विपक्ष और सामाजिक संगठन बढ़ते ‘क्राइम ग्राफ’ को लेकर सरकार को घेर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धामी सरकार के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के एक विवादित बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। मंत्री कैड़ा ने उत्तराखंड की स्थिति का बचाव करते हुए सीधे तौर पर कांग्रेस को ‘आतंकवाद की जननी’ करार दिया है, जिस पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें हिमाचल प्रदेश जाने की नसीहत दे डाली है।

कैबिनेट मंत्री कैड़ा का तीखा हमला

देहरादून में पत्रकारों से वार्ता के दौरान कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।

कैड़ा ने अपने संबोधन में कहा, देश में जहाँ-जहाँ कांग्रेस की सरकारें रही हैं, वहां कानून व्यवस्था की स्थिति सबसे खराब रही है। कांग्रेस के कार्यकाल में ही जम्मू-कश्मीर में धमाके होते थे और आतंकवादियों को पनाह मिलती थी। सच तो यह है कि कांग्रेस ही आतंकवाद की जननी रही है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की प्रशंसा करते हुए दावा किया कि आज देश से आतंकवाद और माओवाद खत्म हो गया है और अपराधी सरेंडर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्तमान में सबसे खराब कानून व्यवस्था कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश में है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में जनता सबसे अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है।

तिहाड़ जेल का दिया हवाला

अपने बयान को और कड़ा बनाते हुए मंत्री कैड़ा ने अपने पुराने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्हें दिल्ली पुलिस द्वारा तिहाड़ जेल भेजा गया था, तब वहां सबसे अधिक खूंखार आतंकवादी बंद थे, जो कांग्रेस की ढीली नीतियों का परिणाम थे। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे केवल आरोप लगाने के बजाय अपनी भूमिका सकारात्मक रूप से निभाएं और झूठे तथ्य पेश न करें।

नई कुर्सी का जोश और चाटुकारिता

कैबिनेट मंत्री के इन आरोपों पर कांग्रेस ने भी जोरदार पलटवार किया है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता सुजाता पॉल ने मंत्री कैड़ा के बयान को हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना बताया।

सुजाता पॉल ने कहा, “राम सिंह कैड़ा को अभी नई-नई मंत्री की कुर्सी मिली है, इसलिए वे मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। उत्तराखंड में आज कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, भ्रष्टाचार चरम पर है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं, लेकिन मंत्री जी को अपनी कमियां देखने के बजाय दूसरे राज्यों की चिंता सता रही है।”

उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा, “यदि राम सिंह कैड़ा को कांग्रेस शासित राज्यों और हिमाचल प्रदेश की इतनी ही फिक्र है, तो उन्हें उत्तराखंड छोड़कर वहीं चले जाना चाहिए। उन्हें अपनी ऊर्जा प्रदेश की जनता को सुरक्षा देने में लगानी चाहिए, न कि अनर्गल प्रलाप करने में।

जनता और सामाजिक संगठनों की चिंता

राजनीतिक बयानबाजी के बीच, उत्तराखंड की आम जनता राज्य में बढ़ती फायरिंग, चोरी और चेन स्नैचिंग की घटनाओं से डरी हुई है। हाल ही में देहरादून के राजपुर रोड पर हुई फायरिंग और अवांछित तत्वों के बढ़ते दखल ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस ‘ऑपरेशन प्रहार’ जैसे अभियान चला रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपराधों में कमी आती नहीं दिख रही है।

सियासी घमासान का मुख्य सारांश (Table):

पक्ष मुख्य तर्क/आरोप समाधान/जवाब
भाजपा (राम सिंह कैड़ा) कांग्रेस आतंकवाद की जननी है; हिमाचल में बुरा हाल है। मोदी-शाह के नेतृत्व में देश सुरक्षित है।
कांग्रेस (सुजाता पॉल) मंत्री केवल सीएम को खुश कर रहे हैं; लॉ एंड ऑर्डर ध्वस्त है। प्रदेश की चिंता करें, दूसरे राज्यों की नहीं।
जनता की मांग अपराधों पर अंकुश और सुरक्षित सड़कें। सख्त पुलिसिंग और त्वरित न्याय।

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