उत्तराखंड

कुंभ मेला भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ हरिद्वार डीएम की सख्ती, सिंचाई विभाग को फटकार—स्वच्छता पर भी बड़े निर्देश

Haridwar DM takes strict action against encroachment on Kumbh Mela land, reprimands Irrigation Department—also issues major directives on sanitation.

हरिद्वार: तीर्थनगरी हरिद्वार में कुंभ मेला भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित कड़े रुख में दिखाई दिए। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने गंगा किनारे स्थित मेला भूमि पर कार्रवाई न होने पर यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यूपी सिंचाई विभाग और उत्तराखंड सिंचाई विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध अतिक्रमण को तुरंत हटाएं।

अधिकारियों से मांगा एक महीने का ब्यौरा, जवाब न मिलने पर नाराजगी

बैठक के दौरान जब डीएम मयूर दीक्षित ने विभाग से पिछले एक महीने की कार्यवाही का विवरण मांगा, तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुंभ मेला भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से सक्रिय होना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि गंगा तट और मेला क्षेत्र की पवित्रता एवं व्यवस्थाओं को बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

स्वच्छता पर बड़ा फोकस, नगर आयुक्त और सीडीओ ने दिए सुझाव

बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार और मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्र ने शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए। डीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री की अपेक्षाओं के अनुरूप हरिद्वार को न सिर्फ राज्य बल्कि पूरे देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर जिलों में शामिल करना है। इसके लिए सरकारी विभागों से लेकर सामाजिक संगठनों तक सभी की सहभागिता महत्वपूर्ण है।

अधिकारियों और संस्थाओं से लिया फीडबैक, चिन्हित किए गए स्वच्छता जोन

जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों से जिले को स्वच्छ और आकर्षक बनाने के लिए सुझाव लिए। स्वच्छता अभियान को प्रभावी करने के लिए शहर में कई स्थानों को विशेष स्वच्छता क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया है। डीएम ने निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों की साफ-सफाई लगातार और उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने आश्रमों और गैर-सरकारी संगठनों से भी सक्रिय सहभागिता की अपील की।

हरिद्वार की धार्मिक महत्ता का जिक्र, स्वच्छता को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

डीएम ने कहा कि हरिद्वार कुंभ मेला, कांवड़ यात्रा और अनेक प्रमुख धार्मिक आयोजनों का केंद्र है तथा चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार भी। हर वर्ष देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु यहां गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए स्वच्छता और व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। एक स्वच्छ तीर्थनगरी ही श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बना सकती है।

एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं के साथ भी बैठक

प्रशासन हरिद्वार को स्वच्छता के क्षेत्र में मॉडल जिला बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। हाल ही में एचआरडीए में हुई एक बैठक में डीएम ने जिले भर में काम कर रही एनजीओ और सामाजिक संस्थाओं से सुझाव मांगे तथा अलग-अलग क्षेत्रों में स्वच्छता की जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सामूहिक प्रयासों से हरिद्वार को स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण बनाया जाए।

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