राज्यपाल गुरमीत सिंह की आध्यात्मिक यात्रा — केदारनाथ-बदरीनाथ में की विशेष पूजा, कहा “केदारघाटी का हर कण शिवमय है”
Governor Gurmeet Singh's spiritual journey – performed special prayers at Kedarnath and Badrinath, saying, "Every particle of Kedar Valley is filled with Shiva."
रुद्रप्रयाग/चमोली: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह इन दिनों आध्यात्मिक यात्रा पर हैं। इस पवित्र यात्रा की शुरुआत उन्होंने बाबा केदारनाथ धाम से की, जहां उन्होंने विशेष रुद्राभिषेक और पूजन कर विश्व कल्याण, मानवता की समृद्धि और उत्तराखंड के सतत विकास के लिए आशीर्वाद मांगा। इसके बाद राज्यपाल बदरीनाथ धाम पहुंचे और भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
केदारनाथ धाम में किया विशेष रुद्राभिषेक
21 अक्टूबर की सुबह राज्यपाल गुरमीत सिंह हेली सेवा के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंचे। वीआईपी हेलीपैड पर अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा और मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वे पैदल मार्ग से मंदिर प्रांगण पहुंचे और बाबा केदार के समक्ष विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
राज्यपाल ने कहा —
“केदारघाटी का प्रत्येक कण शिवमय है। यहां के पर्वतों में भगवान शिव की उपस्थिति का अनुभव होता है। इस भूमि पर कदम रखते ही मन ध्यानमग्न हो जाता है।”
तीर्थ पुरोहित समाज से की मुलाकात
राज्यपाल ने केदारनाथ मंदिर परिसर में तीर्थ पुरोहित समाज से भी भेंट की। पारंपरिक मंत्रोच्चारण और पूजा-विधि के साथ पुरोहितों ने राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने इस अनुभव को “आध्यात्मिक और भावनात्मक” बताया। बाबा केदार की पूजा के बाद राज्यपाल ने मंदिर प्रांगण में मौजूद श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और “बाबा केदारनाथ की जय” के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना दिया।
पुनर्निर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण
राज्यपाल ने केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। डीडीएमए अधिशासी अभियंता विनय झिंकवाण ने उन्हें धाम में चल रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में चारधाम यात्रा प्रबंधन और पुनर्निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
उन्होंने जिला प्रशासन, मंदिर समिति, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सभी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा —
“चारधाम यात्रा को सफल, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने में आपका योगदान प्रशंसनीय है।”
तीर्थ पुरोहितों के लिए भवन निर्माण कार्य लगभग पूरा
राज्यपाल को बताया गया कि तीर्थ पुरोहितों के लिए बनाए जा रहे भवनों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। भूमि और भवन आवंटन से जुड़े मुद्दों का समाधान कर लिया गया है। राज्यपाल ने मंदिर समिति और प्रशासन के समन्वित प्रयासों की सराहना की और कहा कि “यह कार्य तीर्थ क्षेत्र के सामाजिक और धार्मिक संतुलन को मजबूत करेगा।”
अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों की सराहना
राज्यपाल ने केदारनाथ में तैनात अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और सेवा दलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा —
“आप सभी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जो समर्पण दिखा रहे हैं, वही उत्तराखंड की पहचान है।”
उन्होंने सभी कर्मचारियों से आग्रह किया कि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूर्ण निष्ठा और सेवा भावना से कार्य करें।
बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना और मास्टर प्लान की समीक्षा
केदारनाथ दर्शन के बाद राज्यपाल बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बदरी विशाल की पूजा की। करीब एक घंटे तक उन्होंने धाम परिसर में समय बिताया। इस अवसर पर पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
चमोली डीएम गौरव कुमार ने राज्यपाल को मास्टर प्लान के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी दी। राज्यपाल ने सिविक एमिनिटी सेंटर, अराइवल प्लाजा, अस्पताल भवन आदि के कार्यों पर संतोष जताया और कहा —
“यह विकास न केवल तीर्थों को आधुनिक रूप देगा, बल्कि हमें विश्व गुरु और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ाएगा।”
कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू
जानकारी के अनुसार, केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को और बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बीते 18 अक्टूबर को भुकुंट भैरवनाथ के कपाट पहले ही बंद हो चुके हैं। इसके साथ ही छह महीने तक हिमालय की वादियों में शांति और तप का मौसम शुरू हो जाएगा।

