उत्तराखंड

Char Dham Yatra 2026: 19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा, फूड सेफ्टी पर कड़ी निगरानी

Yatra to begin on April 19, strict monitoring of food safety

देहरादून: उत्तराखंड की प्रसिद्ध Char Dham Yatra 2026 इस वर्ष 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। यात्रा की शुरुआत Gangotri Temple और Yamunotri Temple के कपाट खुलने के साथ होगी। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं, और इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस बार व्यवस्थाओं को पहले से अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। खासतौर पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

खाद्य सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस

चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में यात्रियों के आने से खानपान व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। कई बार साफ-सफाई और गुणवत्ता में कमी देखने को मिलती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इसी चुनौती से निपटने के लिए Food Safety and Drug Administration Uttarakhand ने व्यापक रणनीति तैयार की है। विभाग ने साफ किया है कि इस बार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

क्विक रिस्पांस टीम रखेगी नजर

खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है। ये टीमें यात्रा मार्गों और प्रमुख पड़ावों पर नियमित निरीक्षण करेंगी।

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक खास व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत कुमाऊं क्षेत्र की टीमें गढ़वाल में और गढ़वाल की टीमें कुमाऊं में जांच करेंगी। इससे निरीक्षण प्रक्रिया निष्पक्ष बनेगी और नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

मोबाइल टेस्टिंग वैन से होगी जांच

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल टेस्टिंग वैन भी तैनात की जाएंगी। खासकर Rishikesh और Haridwar जैसे प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।

यहां से यात्रा शुरू करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, इसलिए इन क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर भी नियमित सैंपलिंग और निरीक्षण अभियान चलाए जाएंगे।

लाइसेंस प्रदर्शित करना होगा अनिवार्य

यात्रा के दौरान सभी होटल, ढाबों और भोजनालयों को अपना फूड लाइसेंस सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य ग्राहकों को जागरूक बनाना और उन्हें सुरक्षित विकल्प चुनने में मदद करना है।

अगर कोई प्रतिष्ठान इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने दिए कड़े निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी टीम अलर्ट मोड में काम कर रही है। निरीक्षण प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा और किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

सुरक्षित और सुखद यात्रा पर जोर

सरकार का लक्ष्य है कि Char Dham Yatra 2026 श्रद्धालुओं के लिए न केवल आध्यात्मिक, बल्कि सुरक्षित और सुखद अनुभव भी बने।

यात्रा की तारीख नजदीक आते ही राज्य में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रशासन, स्थानीय व्यापारी और पर्यटन से जुड़े लोग मिलकर इस यात्रा को सफल बनाने में जुटे हैं। बेहतर व्यवस्थाओं के साथ इस बार की चारधाम यात्रा अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद होने की उम्मीद है।

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