उत्तराखंड

पिथौरागढ़ के सूरज महरा बने भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट, पासिंग आउट परेड में हासिल किए दो बड़े सम्मान

Pithoragarh's Suraj Mahara became a Sub Lieutenant in the Indian Navy and received two major honors at the passing out parade.

पिथौरागढ़/बेरीनाग: उत्तराखंड के पर्वतीय जिले पिथौरागढ़ ने एक बार फिर देश को एक होनहार युवा सैन्य अधिकारी दिया है। बेरीनाग तहसील से लगभग 10 किलोमीटर दूर उडियारी गांव के रहने वाले सूरज महरा भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बन गए हैं। केरल के कन्नूर स्थित नेवल एकेडमी में तीन वर्ष की कठोर ट्रेनिंग के बाद आयोजित पासिंग आउट परेड में सूरज Mahra ने शानदार प्रदर्शन कर ‘परेड कमांडर’ और ‘बेस्ट स्टूडेंट’ जैसे दो महत्वपूर्ण पुरस्कार अपने नाम किए। इस गौरवपूर्ण क्षण को देखने के लिए उनके पिता पूर्व सैनिक नारायण सिंह महरा और माता विमला देवी उपस्थित रहीं।

हिमालया इंटर कॉलेज का मेधावी छात्र रहा सूरज

सूरज महरा की प्रारंभिक शिक्षा और 12वीं तक की पढ़ाई हिमालया इंटर कॉलेज, चौकोड़ी (पिथौरागढ़) से हुई। वे हमेशा से एक मेधावी छात्र रहे और हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में मेरिट में स्थान पाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। सूरज ने पहले ही प्रयास में एनडीए की प्रवेश परीक्षा पास कर ली थी। कोविड काल के दौरान बिना किसी कोचिंग के स्वाध्याय कर उन्होंने यह चुनौतीपूर्ण परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।

कॉलेज की प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट ने बताया कि सूरज शुरू से ही पढ़ाई में गंभीर और अनुशासित रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल, परिवार और क्षेत्र के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है क्योंकि सूरज ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी लगन बनाए रखी और आज बड़े मुकाम पर पहुंचे हैं।

परिवार और शिक्षकों की प्रेरणा से हासिल की सफलता

अपनी उपलब्धि पर सूरज महरा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही रक्षा सेवा में जाने की प्रेरणा मिली। उनके कॉलेज के संरक्षक चन्द्र सिंह कार्की, प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट और दादा जीत सिंह महरा—जो स्वयं पूर्व सैनिक हैं—ने हमेशा उनका मार्गदर्शन किया। सूरज का कहना है कि परिवार के सहयोग और गुरुजनों के आशीर्वाद ने उन्हें यह उपलब्धि हासिल करने की शक्ति दी।

गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर

सूरज महरा की इस उल्लेखनीय सफलता पर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। प्रधानाचार्य देवबाला बिष्ट, प्रबंधक प्रकाश कार्की, उप प्रधानाचार्य भूपेंद्र पपोला, पार्वती कार्की, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक फकीर राम टम्टा, ब्लॉक प्रमुख संगीता चन्याल, ज्येष्ठ प्रमुख धीरज बिष्ट और नगरपालिका अध्यक्ष हेमा पंत सहित कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।

एनडीए से बनते हैं तीनों सेनाओं के अधिकारी

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के माध्यम से भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए अधिकारी चुने जाते हैं। 12वीं पास युवा एनडीए की प्रवेश परीक्षा दे सकते हैं। नेवी और एयरफोर्स के लिए 12वीं में फिजिक्स और मैथ्स अनिवार्य है, जबकि आयु सीमा 16.5 से 19.5 वर्ष होती है। यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में गणित (300 अंक) और सामान्य योग्यता परीक्षा (600 अंक) शामिल होती है। लिखित परीक्षा के बाद SSB इंटरव्यू में उम्मीदवारों की नेतृत्व क्षमता और मानसिक दृढ़ता की जांच की जाती है।

सूरज महरा की सफलता न केवल उनके परिवार और गांव के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

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