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Heatwave Uttarakhand: उत्तराखंड में हीटवेव का कहर, 40 डिग्री पार पारा, बिजली संकट गहराया

Heatwave in Uttarakhand: Heatwave wreaks havoc; mercury crosses 40 degrees as power crisis deepens.

उत्तराखंड में इस समय Heatwave का असर तेजी से देखने को मिल रहा है। खासतौर पर कुमाऊं क्षेत्र के मैदानी इलाकों में गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। तेज धूप और लू जैसी परिस्थितियों ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप शुरू हो जाती है, जो देर शाम तक राहत नहीं देती।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार अप्रैल में ही Heatwave जैसी स्थिति बनना चिंताजनक है। बाजारों में दोपहर के समय सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर निकलने से बच रहे हैं।

बिजली की मांग में उछाल, बढ़ी कटौती

जैसे-जैसे Heatwave तेज हो रही है, वैसे-वैसे बिजली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। हल्द्वानी में बिजली की डिमांड सामान्य दिनों के मुकाबले लगभग 10 प्रतिशत बढ़ गई है। जहां पहले 1.5 से 1.8 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली की खपत होती थी, वहीं अब यह बढ़कर 2.2 एमयू तक पहुंच गई है।

ऊर्जा निगम के अधिकारियों के अनुसार, बढ़ती मांग को पूरा करना चुनौती बनता जा रहा है। इसी कारण कई इलाकों में रात के समय 1 से 2 घंटे की अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। Heatwave के बीच बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है, खासकर उन इलाकों में जहां कूलर और पंखों पर निर्भरता ज्यादा है।

कौन-कौन से क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

कुमाऊं के मैदानी क्षेत्र जैसे हल्द्वानी, रुद्रपुर और काशीपुर इस Heatwave से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हल्द्वानी ग्रामीण क्षेत्र के टीपी नगर और कमलुवागांजा जैसे इलाकों में बिजली की मांग सबसे अधिक दर्ज की गई है।

यहां तापमान लगातार 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिससे दिन के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि Heatwave के दौरान ज्यादा समय धूप में बिताना खतरनाक हो सकता है।

स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

इस भीषण Heatwave का असर लोगों की सेहत पर भी साफ दिख रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय शरीर में पानी की कमी होना सबसे बड़ी समस्या बन सकती है।

विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के कपड़े पहनें और दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। बच्चों और बुजुर्गों को Heatwave से सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है।

क्या मिलेगी राहत?

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। अगर बारिश होती है, तो Heatwave से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, अभी के लिए गर्मी का प्रकोप जारी रहने के संकेत हैं।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि तापमान में थोड़ी गिरावट आने में समय लग सकता है, इसलिए लोगों को फिलहाल सावधानी बरतनी होगी।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

बढ़ती Heatwave को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने और कटौती को कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे Heatwave के दौरान सावधानी बरतें और जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

 

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