गढ़वाल राइफल्स में 464 नए अग्निवीरों की शपथ, परेड ग्राउंड में गूंजा अनुशासन और देशभक्ति का अद्भुत नज़ारा
464 new Agniveers were sworn in at the Garhwal Rifles, a wonderful display of discipline and patriotism resonated at the parade ground.
पौड़ी: गढ़वाल राइफल्स मुख्यालय में शनिवार को देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिला। नायक भवानी दत्त जोशी वीर चक्र परेड ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड में कुल 464 अग्निवीरों ने 31 सप्ताह के कड़े सैन्य प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा कर भारतीय सेना का हिस्सा बनकर इतिहास में अपनी नई शुरुआत दर्ज की। इस दौरान परेड ग्राउंड गर्व, उत्साह और तालियों की गूंज से भर उठा।
अग्निवीरों ने पेश की दमखम भरी परेड
समारोह में समीक्षा अधिकारी ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडेंट गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर ने परेड की सलामी ली और अग्निवीरों को उत्कृष्ट प्रशिक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने जवानों को राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर, अनुशासित और निष्ठावान रहने की प्रेरणा दी।
अग्निवीरों की मार्चपास्ट, तालमेल और युद्धक कौशल ने परेड ग्राउंड में मौजूद हर दर्शक को रोमांचित कर दिया। मैदान लगातार उत्साहपूर्ण तालियों से गूंजता रहा। उनके कदमों की दृढ़ता और जोश ने भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं को जीवंत कर दिया।
धर्मग्रंथों पर ली ऐतिहासिक शपथ
परेड का मुख्य आकर्षण रहा—पहली बार विभिन्न धर्मों के पवित्र ग्रंथों पर अग्निवीरों द्वारा सामूहिक शपथ ग्रहण। पंडित, मौलवी और पादरी द्वारा परेड ग्राउंड में धर्मग्रंथ लाए गए, जिन पर हाथ रखकर अग्निवीरों ने देश सेवा की शपथ ली। यह दृश्य भारत की एकता, विविधता और सैन्य परंपरा की सामूहिक भावना का प्रतीक बन गया।
ब्रिगेडियर नेगी ने जवानों को शपथ दिलाते हुए कहा कि “गढ़वाल राइफल्स त्याग, वीरता और अनुशासन की प्रतीक है। हमारे वीर अग्रजों ने रेजिमेंट की प्रतिष्ठा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है, अब उसी गौरव को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अग्निवीरों के हाथों में है।”
परिवारों की मौजूदगी से भावुक हुआ माहौल
समारोह में उत्तरकाशी, टिहरी, जौनसार-बावर सहित कई क्षेत्रों से पहुंचे परिजन अपने पारंपरिक परिधानों में नजर आए, जिसने परेड ग्राउंड में स्थानीय सांस्कृतिक छटा बिखेर दी। सैन्य परंपरा के अनुरूप अग्निवीरों के माता-पिता को ‘गौरव पदक’ प्रदान कर सम्मानित किया गया। उनके चेहरों पर गर्व और भावुकता का मिश्रण हर किसी को प्रभावित कर रहा था।
गर्व और देशभक्ति के साथ सेना में शामिल हुए 464 अग्निवीर
31 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद इन अग्निवीरों ने भारतीय सेना में सेवा देने के लिए आवश्यक कौशल और क्षमता अर्जित की है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के साथ ही अब वे देश की रक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
परेड ग्राउंड में उपस्थित हर व्यक्ति के लिए यह आयोजन न सिर्फ सैन्य शक्ति का परिचय था, बल्कि समर्पण, अनुशासन और देशभक्ति का प्रेरणादायक संदेश भी था।



