रुद्रप्रयाग में माल्टा महोत्सव की धूम, डीएम प्रतीक जैन ने बढ़ाया किसानों और महिला समूहों का उत्साह
The Malta Festival is in full swing in Rudraprayag, and DM Prateek Jain has boosted the morale of farmers and women's groups.
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में इन दिनों माल्टा की भरपूर पैदावार देखने को मिल रही है। साइट्रस प्रजाति का यह फल अपने खट्टे-मीठे स्वाद और विटामिन-सी से भरपूर गुणों के कारण लोगों की खास पसंद बना हुआ है। पहाड़ों में जगह-जगह माल्टा के पेड़ों से लदे बागान नजर आ रहे हैं और इसी कड़ी में विभिन्न जिलों में माल्टा महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग जनपद में आयोजित माल्टा महोत्सव में लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
किसानों और पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
रुद्रप्रयाग में आयोजित माल्टा महोत्सव किसानों को प्रोत्साहित करने, माल्टा आधारित उत्पादों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कृषकों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को एक मंच प्रदान करना है, ताकि स्वरोजगार के अवसर सृजित हो सकें और जनपद की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
डीएम ने स्टालों का निरीक्षण कर किया संवाद
महोत्सव के दौरान युवा जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं से सीधा संवाद कर माल्टा से तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली और उनकी गुणवत्ता एवं प्रस्तुति की सराहना की। निरीक्षण के दौरान डीएम ने माल्टा जूस, स्क्वैश, जैम, कैंडी सहित विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी चखा और इनके बेहतर विपणन पर जोर दिया।
सहकारिता समूहों की सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत कार्यरत उन्नति स्वायत सहकारिता नारी, उमंग स्वायत सहकारिता मक्कूमठ, जीवन ज्योति स्वायत सहकारिता देड़ा और उन्नति स्वायत सहकारिता कोतमा की महिलाओं ने स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की। महिला समूहों द्वारा तैयार माल्टा आधारित उत्पादों को लोगों ने खूब सराहा, जिससे महिलाओं का उत्साह भी बढ़ा।
माल्टा उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के निर्देश
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शीतकालीन यात्रा के दौरान प्रमुख मंदिरों और पर्यटन स्थलों के आसपास माल्टा और इससे बने उत्पादों की बिक्री की उचित व्यवस्था की जाए। इससे स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा और महिला समूहों की आय में वृद्धि होगी।
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
डीएम ने कहा कि माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन न केवल स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन महिला समूहों को आगे भी हरसंभव सहयोग देगा।
डीएम ने खुद पीसा लूण, चखा माल्टा
महोत्सव के दौरान डीएम प्रतीक जैन ने सिलौटा में पहाड़ी मसाले पीसे और पहाड़ी लूण स्वयं चखकर अन्य लोगों को भी चखाया। साथ ही उन्होंने माल्टे का स्वाद लेते हुए कहा कि माल्टा पहाड़ों में आमदनी का एक महत्वपूर्ण जरिया बन सकता है। शीतकाल में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक जिले में पहुंचते हैं, जिन्हें माल्टा काफी पसंद आ रहा है। ऐसे आयोजनों से महिला समूहों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर रुद्रप्रयाग की दिशा में सार्थक पहल हो रही है।

