तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में राहत, सेंसेक्स-निफ्टी ने दिखाई मजबूती
After three days of decline, the market got some relief, Sensex-Nifty showed strength
नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को निवेशकों को कुछ राहत मिली। पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट के बाद सप्ताह के पहले दिन बाजार में रिकवरी के संकेत दिखाई दिए। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निचले स्तरों पर हुई खरीदारी ने बाजार को संभाल लिया।
खासतौर पर बैंकिंग और ब्लू-चिप शेयरों में वैल्यू बाइंग के चलते प्रमुख सूचकांकों में तेजी लौट आई। इससे निवेशकों के बीच थोड़ी सकारात्मकता देखने को मिली और बाजार ने हरे निशान में कारोबार करना शुरू किया।
कमजोर शुरुआत के बाद बाजार में आई तेजी
सोमवार को बाजार की शुरुआत कमजोर रही। शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 179 अंक गिरकर लगभग 74,384 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी फिसलकर करीब 23,100 के आसपास आ गया।
हालांकि यह गिरावट ज्यादा देर तक कायम नहीं रही। जैसे ही निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, बाजार ने तेजी से रिकवरी दिखाई। कुछ ही समय में सेंसेक्स 340 अंकों से ज्यादा उछलकर करीब 74,900 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 90 अंकों की बढ़त के साथ 23,240 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद कई बड़े शेयर आकर्षक मूल्यांकन पर आ गए थे, जिससे निवेशकों ने इसे खरीदारी का अच्छा मौका माना।
इन शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
सोमवार के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में HDFC Bank, State Bank of India, UltraTech Cement, Tata Steel, InterGlobe Aviation और ITC Limited शामिल रहे।
इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने गिरावट के बाद जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
आईटी और ऑटो शेयरों में दिखी कमजोरी
हालांकि बाजार की तेजी पूरी तरह एकतरफा नहीं रही। कुछ आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में दबाव देखने को मिला। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में Infosys, Tata Consultancy Services, Mahindra & Mahindra और Bharat Electronics शामिल रहे।
इन शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी कुछ हद तक सीमित रही।
एशियाई बाजारों से मिले मिश्रित संकेत
वैश्विक बाजारों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला। सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। जापान का Nikkei 225 और दक्षिण कोरिया का KOSPI दबाव में कारोबार करते दिखे। वहीं चीन का Shanghai Composite Index भी कमजोरी के साथ रहा, जबकि हांगकांग का Hang Seng Index हल्की बढ़त के साथ खुला।
कच्चे तेल की कीमतें बनी चिंता
भारतीय शेयर बाजार के लिए फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चिंता का कारण बनी हुई हैं। वैश्विक मानक Brent Crude Oil की कीमत लगभग 1 प्रतिशत बढ़कर करीब 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई है।
भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए तेल की कीमतों में तेजी महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ा सकती है।
पश्चिम एशिया का तनाव बना जोखिम
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव पर निर्भर करेगी। खासतौर पर Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। यदि यहां तेल आपूर्ति प्रभावित होती है तो वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ऐसे में निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि की निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।


