उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में इस साल गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। अप्रैल महीने में ही Uttarakhand Heatwave जैसे हालात बन गए हैं। गढ़वाल क्षेत्र के श्रीनगर में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जो इस मौसम के लिए सामान्य नहीं माना जाता।
लगातार बढ़ रहा तापमान
पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 13 से 17 अप्रैल के बीच अधिकतम तापमान 35.44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं औसत तापमान भी सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया, जो Uttarakhand Heatwave के संकेत दे रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ नहीं होने का असर
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ, जिससे बारिश नहीं हो पाई। यही कारण है कि तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई और Uttarakhand Heatwave का असर पहाड़ों में भी महसूस किया जा रहा है।
वनाग्नि ने बढ़ाई गर्मी
जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं ने भी गर्मी को और बढ़ा दिया है। धुआं और धुंध वातावरण में फैलकर सूर्य की गर्मी को ज्यादा प्रभावी बना रहे हैं, जिससे Uttarakhand Heatwave की स्थिति और गंभीर हो रही है।
शुष्क मौसम से बढ़ी परेशानी
गर्मी के साथ-साथ आर्द्रता में भी कमी आई है। शुष्क मौसम के कारण लोगों को डिहाइड्रेशन, थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। Uttarakhand Heatwave का असर दैनिक जीवन पर साफ नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
डॉक्टरों ने लोगों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी है। ओआरएस का सेवन करने और हल्के कपड़े पहनने की भी सलाह दी गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को Uttarakhand Heatwave के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। अगर मौसम में बदलाव नहीं हुआ, तो Uttarakhand Heatwave का असर और ज्यादा गंभीर हो सकता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या में बदलाव करने की अपील की है।

