उत्तराखंड

Mussoorie Alternate Route को मिलेगी रफ्तार, May से शुरू होगा चौड़ीकरण, जाम से राहत की उम्मीद

Mussoorie Alternate Route to Gain Momentum, Widening Work to Begin in May, Offering Hope for Relief from Traffic Congestion.

उत्तराखंड में पर्यटन सीजन शुरू होने से पहले ही प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। खासतौर पर Mussoorie Alternate Route को लेकर बड़ी पहल की जा रही है, जिससे मसूरी जाने वाले मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम से राहत मिल सके।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद देहरादून और मसूरी की ओर आने वाले वाहनों की संख्या में तेज बढ़ोतरी की संभावना है। ऐसे में शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ सकता है। इसी चुनौती से निपटने के लिए Mussoorie Alternate Route यानी लंबीधार-किमाड़ी रोड के चौड़ीकरण की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पर्यटन सीजन से पहले बढ़ी प्रशासन की चिंता

हर साल गर्मियों में मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। इस बार Mussoorie Alternate Route की अहमियत और बढ़ गई है, क्योंकि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के चालू होने से यात्रा समय कम हो गया है और ज्यादा लोग वीकेंड पर मसूरी पहुंच सकते हैं।

प्रशासन को आशंका है कि यदि वैकल्पिक मार्ग को मजबूत नहीं किया गया, तो देहरादून शहर और मसूरी मार्ग पर लंबे जाम की स्थिति बन सकती है। यही वजह है कि Mussoorie Alternate Route को प्राथमिकता दी जा रही है।

23 किमी सड़क का होगा चौड़ीकरण

Mussoorie Alternate Route के तहत लंबीधार-किमाड़ी रोड का करीब 23 किलोमीटर लंबा हिस्सा चौड़ा किया जाएगा। यह मार्ग गढ़ी कैंट के सप्लाई क्षेत्र से शुरू होकर मसूरी झील के पास मुख्य सड़क से जुड़ता है।

इस रोड को चौड़ा करने से न केवल वैकल्पिक मार्ग मजबूत होगा, बल्कि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम किया जा सकेगा। विभाग का मानना है कि Mussoorie Alternate Route तैयार होने के बाद ट्रैफिक का बेहतर वितरण हो सकेगा।

मई से शुरू होगा काम

लोक निर्माण विभाग ने Mussoorie Alternate Route के चौड़ीकरण को लेकर टेंडर प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, अप्रैल तक सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी और मई से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि विभाग तेजी से काम कर रहा है ताकि समय पर परियोजना शुरू की जा सके। उन्होंने उम्मीद जताई कि Mussoorie Alternate Route का निर्माण छह से सात महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।

जाम से मिलेगी बड़ी राहत

देहरादून से मसूरी जाने वाला मुख्य मार्ग अक्सर जाम की समस्या से जूझता है, खासकर पर्यटन सीजन में। ऐसे में Mussoorie Alternate Route एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।

जब यह सड़क पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तो पर्यटक और स्थानीय लोग मुख्य मार्ग के बजाय इस वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और यात्रा सुगम बनेगी।

स्थानीय लोगों को भी होगा फायदा

Mussoorie Alternate Route का फायदा सिर्फ पर्यटकों को ही नहीं, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी मिलेगा। इस मार्ग के आसपास रहने वाले लोगों के लिए आवागमन आसान हो जाएगा और उन्हें रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

इसके अलावा, सड़क के चौड़ीकरण से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ने की संभावना है। छोटे व्यापारियों और स्थानीय व्यवसायों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

पर्यावरण और सुरक्षा का भी रखा जाएगा ध्यान

Mussoorie Alternate Route के निर्माण के दौरान पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण एक संवेदनशील प्रक्रिया होती है, इसलिए विभाग ने इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश तय किए हैं।

सड़क के किनारों पर सुरक्षा बैरियर, उचित जल निकासी व्यवस्था और भूस्खलन से बचाव के उपाय भी किए जाएंगे।

बढ़ते पर्यटन के साथ जरूरी है बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर

उत्तराखंड में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, और ऐसे में Mussoorie Alternate Route जैसी परियोजनाएं बेहद जरूरी हो जाती हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क न केवल यात्रा को आसान बनाता है, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इस तरह के और भी वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की जरूरत होगी, ताकि ट्रैफिक का दबाव संतुलित किया जा सके।

 

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