उत्तराखंड

Vaishakh Month Significance: हरिद्वार में बढ़ी रौनक, हरकी पैड़ी पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़

Significance of the Month of Vaishakh: Festivities Intensify in Haridwar; Crowds of Devotees Set to Throng Har Ki Pauri.

धर्मनगरी हरिद्वार में Vaishakh month significance को लेकर खास माहौल बन गया है। वैशाख मास शुरू होते ही यहां धार्मिक अनुष्ठानों, स्नान और दान की तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचने लगे हैं और गंगा घाटों पर आस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। हर साल की तरह इस बार भी वैशाख मास में हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

प्रमुख पर्वों पर विशेष भीड़ की संभावना

इस बार Vaishakh month significance के दौरान कई महत्वपूर्ण पर्व पड़ रहे हैं, जिनमें 14 अप्रैल को मेष संक्रांति, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया और 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी शामिल हैं। इन तिथियों पर हरिद्वार के Har Ki Pauri समेत अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन भीड़ को संभालने के लिए तैयारियों में जुट गया है।

स्नान-दान का विशेष महत्व

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार Vaishakh month significance में स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस महीने किए गए धार्मिक कार्यों का फल अक्षय यानी कभी समाप्त न होने वाला होता है। इसी वजह से श्रद्धालु इस दौरान गंगा स्नान को विशेष रूप से शुभ मानते हैं और बड़ी संख्या में हरिद्वार पहुंचते हैं।

गंगा स्नान के लिए उमड़ेंगे श्रद्धालु

हरिद्वार में Vaishakh month significance के चलते गंगा स्नान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं। हरकी पैड़ी के अलावा भीमगौड़ा, कनखल और अन्य घाटों पर भी श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और हर साल वैशाख मास में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख

ज्योतिषाचार्य डॉ. चंडी प्रसाद भट्ट के अनुसार स्कंद पुराण में भी Vaishakh month significance का विशेष उल्लेख किया गया है। इसमें बताया गया है कि वैशाख जैसा कोई अन्य महीना नहीं है और गंगा जैसा कोई अन्य तीर्थ नहीं है। इस महीने में किए गए पुण्य कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है।

भगवान विष्णु और गंगा पूजन का महत्व

वैशाख मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। Vaishakh month significance के तहत भगवान विष्णु, परशुराम और बांके बिहारी की आराधना की जाती है। इसके साथ ही तुलसी पूजन और पीपल वृक्ष की पूजा भी की जाती है। माना जाता है कि इससे सुख-शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

विवाह और नए कार्यों की शुरुआत

उत्तराखंड में वैशाखी के साथ ही शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। Vaishakh month significance के चलते इस समय विवाह, गृह प्रवेश और नए कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। यही कारण है कि इस महीने को बेहद शुभ माना जाता है और लोग नए कार्यों की शुरुआत इसी समय करते हैं।

अक्षय तृतीया और गंगा सप्तमी का महत्व

अक्षय तृतीया और गंगा सप्तमी को Vaishakh month significance के सबसे खास दिनों में गिना जाता है। अक्षय तृतीया से ही चारधाम यात्रा की शुरुआत होती है, जिससे हरिद्वार की रौनक और बढ़ जाती है। वहीं गंगा सप्तमी के दिन श्रद्धालु गंगा में स्नान कर तांबे के पात्र से सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं और पापों से मुक्ति की कामना करते हैं।

चारधाम यात्रा से बढ़ेगा श्रद्धालुओं का प्रवाह

Vaishakh month significance के दौरान चारधाम यात्रा शुरू होने से हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। तीर्थयात्री चारधाम जाने से पहले हरिद्वार में गंगा स्नान करते हैं और फिर अपनी यात्रा आगे बढ़ाते हैं। इससे शहर के घाटों और मंदिरों में काफी भीड़ देखने को मिलती है।

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