सोने की कीमतों में लगातार हो रही तेज़ी ने निवेशकों को चौंका दिया है। हर दिन नया रिकॉर्ड बना रही सोने की कीमतों के बीच मार्च 2025 में गोल्ड ईटीएफ (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) से 77.21 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज की गई। यह आंकड़ा उस समय सामने आया है जब फरवरी में निवेशकों ने 1,979.84 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव तेजी से बढ़ती कीमतों के कारण हुई मुनाफावसूली का नतीजा है।
मुनाफावसूली से आई गिरावट, लेकिन निवेश में अब भी रुचि
हालांकि, सोने की कीमतों में आए उछाल के कारण गोल्ड ईटीएफ की औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (एएयूएम) 3.82 फीसदी की वृद्धि के साथ 57,101.29 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इससे यह साफ जाहिर होता है कि दीर्घकालिक निवेशकों की रुचि अब भी बनी हुई है।
वित्त वर्ष 2025 में निवेश में भारी उछाल
पूरे वित्त वर्ष 2025 में गोल्ड ईटीएफ में 14,852 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो साल दर साल आधार पर 183% की वृद्धि दर्शाता है। फरवरी में ही 5,248 करोड़ रुपये का इनफ्लो देखने को मिला था। यह रुझान दर्शाता है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
गोल्ड ईटीएफ रिटर्न में सुधार
मार्च 2025 में गोल्ड ईटीएफ ने औसतन 5.67% रिटर्न दिया। इस दौरान इनवेस्को इंडिया गोल्ड ईटीएफ ने सबसे अधिक 6.52% रिटर्न दर्ज किया। इसके अलावा एलआईसी एमएफ गोल्ड ईटीएफ ने 6.48% और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ ने 6.33% रिटर्न दिए। वहीं ग्रो गोल्ड ईटीएफ ने सबसे कम 4.39% रिटर्न प्रदान किया।
एयूएम में 89% की सालाना वृद्धि
गोल्ड ईटीएफ की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में भी भारी इजाफा हुआ है। मार्च 2024 में एयूएम 31,223 करोड़ रुपये था, जो मार्च 2025 तक 58,887 करोड़ रुपये हो गया — यानी करीब 89% की सालाना वृद्धि।
हालांकि मार्च में हल्की निकासी हुई, लेकिन गोल्ड ईटीएफ में दीर्घकालिक निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। बाजार की अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच सोना अब भी एक मजबूत और सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।

