डिजिटल इंडिया मिशन के तहत शुरू किए गए डिजीलॉकर को अब हिमाचल प्रदेश अटल मेडिकल एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी ने अपनाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय अब छात्रों की डिग्री डिजीलॉकर में उपलब्ध कराएगी। इससे छात्रों को भौतिक प्रमाण पत्र की अनिवार्यता से छुटकारा मिलेगा और उनके शैक्षणिक दस्तावेज डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे।
मार्च-अप्रैल में आएगा पहला बैच, डिजीलॉकर में मिलेगी डिग्री
बीएससी और एमएमसी नर्सिंग का परिणाम पहले ही घोषित किया जा चुका है, जबकि एमडी, एमएस और एमडीएस सहित अन्य पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं जारी हैं। इनके नतीजे मार्च-अप्रैल में घोषित किए जाएंगे। इसके बाद, विश्वविद्यालय का पहला बैच पासआउट होगा और छात्रों को भव्य दीक्षांत समारोह में डिग्री प्रदान की जाएगी।
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. सुरेंद्र कश्यप ने बताया कि सभी पासआउट छात्रों को हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजीलॉकर में डिजिटल डिग्री भी मिलेगी। डिजीलॉकर की सुविधा से छात्रों को भविष्य में दस्तावेजों की हार्ड कॉपी कैरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
डिजीलॉकर: डिजिटल दस्तावेजों की सुरक्षा का बेहतरीन जरिया
डिजीलॉकर भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जो नागरिकों को अपने सरकारी और शैक्षणिक दस्तावेजों को डिजिटल रूप से स्टोर और एक्सेस करने की सुविधा देती है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मार्कशीट और अन्य प्रमाण पत्र सुरक्षित रखे जा सकते हैं। हाल ही में, हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने भी छात्रों को डिजीलॉकर के माध्यम से मार्कशीट और डिग्री उपलब्ध कराई थी।
ऐसे करें डिजीलॉकर पर रजिस्ट्रेशन
डिजीलॉकर का इस्तेमाल करने के लिए:
- आधिकारिक वेबसाइट https://digilocker.gov.in/ पर जाएं या मोबाइल ऐप डाउनलोड करें।
- ‘साइन अप’ बटन पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- ओटीपी दर्ज कर अकाउंट वेरिफाई करें।
- यूजरनेम और पासवर्ड सेट करें।
- आधार कार्ड को लिंक करें और अपने दस्तावेज डिजीलॉकर में अपलोड करें।
ऐसे डाउनलोड करें डिजीलॉकर से अपनी मार्कशीट और डिग्री
- डिजीलॉकर की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और लॉग इन करें।
- ‘मार्कशीट’ सेक्शन में जाकर HPBOSE या संबंधित विश्वविद्यालय टैब पर क्लिक करें।
- रोल नंबर और आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
- अपनी मार्कशीट डाउनलोड करें और डिजीलॉकर में सुरक्षित रखें।
पेपरलेस भविष्य की ओर बढ़ता हिमाचल
डिजीलॉकर से छात्रों को अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को कहीं भी, कभी भी एक्सेस करने की सुविधा मिलेगी। यह न केवल कागजी दस्तावेजों की जरूरत को खत्म करेगा, बल्कि प्रमाणपत्रों की सुरक्षा और प्रामाणिकता को भी सुनिश्चित करेगा। हिमाचल प्रदेश में डिजीलॉकर को अपनाने का यह कदम डिजिटल इंडिया को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

