कुंवारी पास ट्रेक पर बड़ा हादसा टला, चमोली में एक ट्रैकर लापता, तलाश में SDRF और वन विभाग की टीम जुटी
A major accident was averted on the Kuari Pass trek, but one trekker is missing in Chamoli; SDRF and Forest Department teams are engaged in the search.
चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित कुंवारी पास ट्रेक एक बार फिर खतरे की वजह से सुर्खियों में है। जोशीमठ क्षेत्र के नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क अंतर्गत पांगरचुला क्षेत्र में ट्रेकिंग के दौरान एक युवक के लापता होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें सर्च ऑपरेशन में जुट गई हैं, लेकिन देर रात तक लापता ट्रैकर का कोई पता नहीं चल सका।
फोन कॉल से सामने आई घटना
पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को एक ट्रैकर ने अपने दोस्त को फोन कर बताया कि वह कुंवारी पास ट्रेक के दौरान रास्ते में फंस गया है और आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं है। इसके बाद उसके दोस्त ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस को दी। लापता युवक की पहचान शिवम गुप्ता के रूप में हुई है। फोन कॉल के बाद से उसका संपर्क पूरी तरह टूट गया, जिससे चिंता और बढ़ गई।
रेस्क्यू के लिए तुरंत रवाना हुई टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए जोशीमठ से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम को तुरंत ट्रेकिंग रूट की ओर रवाना किया गया। साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों को भी अलर्ट कर दिया गया। दुर्गम पहाड़ी इलाका, अधिक ऊंचाई और कड़ाके की ठंड रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी चुनौती बन रही है। क्षेत्र में बर्फ और फिसलन के कारण राहत कार्यों में सावधानी बरती जा रही है।
17 ट्रैकरों का दल गया था कुंवारी पास
बताया जा रहा है कि हरियाणा के गुरुग्राम से कुल 17 ट्रैकरों का एक दल 25 दिसंबर को कुंवारी पास ट्रेक के लिए निकला था। सभी ट्रैकरों को तीन दिन बाद बेस कैंप खुलारा लौटना था। तय समय तक केवल 10 ट्रैकर ही सुरक्षित बेस कैंप पहुंच सके, जबकि बाकी ट्रैकरों के न लौटने से चिंता बढ़ गई।
छह ट्रैकर सुरक्षित, एक की तलाश जारी
रेस्क्यू अभियान के दौरान राहत की खबर यह रही कि लापता बताए जा रहे सात ट्रैकरों में से छह को सुरक्षित खोज लिया गया। सभी सुरक्षित ट्रैकर किसी तरह वापस बेस कैंप पहुंचने में सफल रहे। हालांकि एक ट्रैकर शिवम गुप्ता अभी भी लापता है, जिसकी तलाश लगातार जारी है। प्रशासन का कहना है कि सर्च ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा जब तक ट्रैकर का पता नहीं चल जाता।
पुलिस का बयान
जोशीमठ थाना प्रभारी डीएस रावत ने बताया कि शनिवार शाम करीब छह बजे ट्रैकर के फंसे होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जानकारी में सात ट्रैकरों के लापता होने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में छह लोगों के सुरक्षित मिलने की पुष्टि हो गई। फिलहाल एक युवक की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
गौरतलब है कि कुंवारी पास और पांगरचुला जैसे हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक पहले भी कई हादसों के गवाह रहे हैं। अचानक मौसम बदलना, भारी बर्फबारी और अनुभव की कमी अक्सर ट्रैकरों के लिए जानलेवा साबित होती है। प्रशासन लगातार चेतावनी देता रहा है कि बिना पंजीकरण, गाइड और सुरक्षा उपकरणों के ऐसे ट्रेक पर जाना खतरनाक हो सकता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने ट्रेकिंग पर जाने वाले पर्यटकों से मौसम की जानकारी लेने, स्थानीय गाइड के साथ ही यात्रा करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। फिलहाल पूरे इलाके में रेस्क्यू अभियान जारी है और लापता ट्रैकर की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई जा रही है।

