पिथौरागढ़ डीएम की अनूठी पहल, मेधावी छात्र बने कुछ देर के लिए जिलाधिकारी
Pithoragarh DM's unique initiative, meritorious student becomes District Magistrate for some time
पिथौरागढ़: जिले में शिक्षा और प्रशासन का अनोखा संगम देखने को मिला। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने सोमवार को जिले के आठ विकासखंडों के हाईस्कूल टॉपर्स को सम्मानित किया और उन्हें कुछ समय के लिए अपनी कुर्सी पर बैठाकर प्रशासनिक कार्यशैली से परिचित कराया। इस पहल का उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना जगाना भी रहा।
आठों विकासखंडों के टॉपर्स को सम्मान
जिले के विभिन्न ब्लॉकों से चयनित मेधावी छात्रों को डीएम कार्यालय आमंत्रित किया गया। इसमें कमलेश कुमार (बेरीनाग), लोकेश नाथ गोस्वामी (बिण), कैलाश सिंह (धारचूला), हिमांशु भट्ट (डीडीहाट), रोहित सिंह (गंगोलीहाट), शिवांगी जोशी (कनालीछीना), कृतिका खैनाल (मुनाकोट) और गीतांजलि दानू (मुनस्यारी) शामिल रहे। सभी छात्रों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान देकर उनकी मेहनत की सराहना की गई।
प्रशासनिक अनुभव से जुड़ा अनूठा अवसर
जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठकर छात्रों ने अधिकारियों से विभागों की कार्यशैली, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। डीएम विनोद गोस्वामी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों को प्रशासनिक ढांचे से जोड़ना और उन्हें नेतृत्व एवं जनसेवा के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि यह अनुभव छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा और उनके भविष्य को नई दिशा देगा।
छात्रों की प्रतिक्रिया: अविस्मरणीय अनुभव
सम्मानित छात्रों ने इस पहल को प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठना और प्रशासनिक कार्यों को करीब से देखना उनके लिए जीवनभर याद रहने वाला अनुभव है। उन्होंने कहा कि यह अवसर उन्हें आत्मविश्वास और समाज की भलाई के लिए काम करने की प्रेरणा देगा।
जनता की समस्याओं का मौके पर निस्तारण
सम्मान समारोह के बाद डीएम गोस्वामी ने जनता की समस्याएं भी सुनीं। कई शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि अन्य मामलों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को जिले की सड़कों को जल्द गड्ढामुक्त करने और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
युवाओं के लिए प्रेरणा और प्रशासन में पारदर्शिता
डीएम ने कहा, “जनता की समस्या मेरी समस्या है।” उन्होंने ग्राम प्रधानों और प्रतिनिधियों के साथ मिलकर समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। यह पहल न केवल मेधावी छात्रों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का संदेश है। डीएम गोस्वामी ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को अवसर और मार्गदर्शन मिल सके।
इस पहल ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा और प्रशासन का मेल युवाओं को नेतृत्व क्षमता और समाज सेवा की दिशा में प्रेरित कर सकता है।

