नीती घाटी में पहली Ultra Run की तैयारी, विदेशी खिलाड़ियों के लिए परमिट की मांग
Preparations Underway for First Ultra Run in Niti Valley; Permits Sought for Foreign Athletes
उत्तराखंड सरकार सीमावर्ती इलाकों में साहसिक खेलों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में चमोली जिले की नीती घाटी में पहली बार Niti Valley Ultra Run आयोजित की जा रही है। 31 मई से 2 जून 2026 तक होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। खास बात यह है कि इस Niti Valley Ultra Run में विदेशी खिलाड़ियों ने भी रुचि दिखाई है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।
विदेशी खिलाड़ियों के लिए इनरलाइन परमिट की चुनौती
नीती घाटी चीन सीमा से सटा संवेदनशील क्षेत्र है, जहां सुरक्षा कारणों से विदेशी नागरिकों के लिए इनरलाइन परमिट अनिवार्य होता है। वर्तमान नियमों के अनुसार इस क्षेत्र के लिए विदेशी खिलाड़ियों को परमिट जारी नहीं किया जाता। ऐसे में Niti Valley Ultra Run में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष अनुमति मांगी है। पर्यटन विभाग ने इस संबंध में केंद्र को पत्र भेजकर इनरलाइन परमिट जारी करने का आग्रह किया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती दिलचस्पी
Niti Valley Ultra Run के प्रचार-प्रसार के बाद अफ्रीकी देशों सहित कई विदेशी खिलाड़ियों ने इसमें हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। यह आयोजन 75 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन के कारण खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि यदि विदेशी खिलाड़ियों को अनुमति मिलती है, तो यह आयोजन वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की पहचान को और मजबूत करेगा।
पहले भी हो चुके हैं सफल आयोजन
राज्य सरकार इससे पहले भी सीमावर्ती क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे चुकी है। पिछले वर्ष पिथौरागढ़ के आदि कैलास क्षेत्र में हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन का आयोजन किया गया था, जिसमें 800 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया था। इस सफलता से प्रेरित होकर अब Niti Valley Ultra Run को और बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है।
सेना और ITBP का मिल रहा सहयोग
नीती घाटी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में आयोजन को सफल बनाने के लिए सेना और ITBP का सहयोग लिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ मार्गों की तैयारी और खिलाड़ियों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। Niti Valley Ultra Run को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
तीन दिन का विस्तृत कार्यक्रम
Niti Valley Ultra Run का आयोजन तीन दिनों तक चलेगा। 31 मई को 75 किमी अल्ट्रा मैराथन रिखखिम से शुरू होकर सुमना, मलारी, कैलासपुर, गमशाली और नीती होते हुए वापस मलारी में समाप्त होगी। इसी दिन 42 किमी मैराथन भी आयोजित की जाएगी। एक जून को 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की दौड़ मलारी में होगी। वहीं 2 जून को एमटीबी चैलेंज का आयोजन किया जाएगा, जो गमशाली से मलारी और फिर गमशाली तक होगा।
पंजीकरण में दिख रहा उत्साह
इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक 240 प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें 75 किमी अल्ट्रा मैराथन के 78 और 42 किमी मैराथन के 110 खिलाड़ी शामिल हैं। अन्य प्रतिभागी छोटी दौड़ों में हिस्सा लेंगे। Niti Valley Ultra Run के लिए स्थानीय खिलाड़ियों का ऑफलाइन पंजीकरण 15 मई के बाद शुरू किया जाएगा और उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस तरह के बड़े आयोजन से स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा। Niti Valley Ultra Run के जरिए पर्यटन बढ़ेगा, जिससे होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार को उम्मीद, मिलेगा केंद्र से समर्थन
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद है। यदि विदेशी खिलाड़ियों को परमिट मिल जाता है, तो Niti Valley Ultra Run एक अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के रूप में उभर सकता है। इससे उत्तराखंड को एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
खेल और प्रकृति का अनूठा संगम
नीती घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऊंचाई के लिए जानी जाती है। यहां आयोजित होने वाली Niti Valley Ultra Run खिलाड़ियों को चुनौतीपूर्ण ट्रैक के साथ-साथ अद्भुत नजारों का अनुभव भी देगी। यह आयोजन खेल, साहस और प्रकृति के अनूठे संगम का प्रतीक बनने जा रहा है।


