Nirmal Purja Death: ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्सदाई’ पुरजा का निधन, पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर
Nirmal Purja Death: Legendary mountaineer Nirmal 'Nimsdai' Purja passes away in an avalanche on Broad Peak; wave of grief across the mountaineering world.
दुनिया के सबसे प्रसिद्ध और प्रेरणादायी पर्वतारोहियों में शामिल ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही निर्मल ‘निम्सदाई’ पुरजा अब इस दुनिया में नहीं रहे। पाकिस्तान के काराकोरम पर्वत क्षेत्र में स्थित ब्रॉड पीक पर हुए भीषण हिमस्खलन में उनकी मौत हो गई। उनकी एडवेंचर कंपनी Elite Exped ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस दुखद खबर की पुष्टि की। इस हादसे में उनके साथ अभियान पर मौजूद कई अन्य पर्वतारोही भी अपनी जान गंवा बैठे। Nirmal Purja Death की खबर सामने आते ही पर्वतारोहण समुदाय, खेल जगत और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।
ब्रॉड पीक पर अभियान के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
पाकिस्तान की काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित ब्रॉड पीक (8,051 मीटर) दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी मानी जाती है। यह पर्वत अपनी कठिन चढ़ाई और अप्रत्याशित मौसम के कारण पर्वतारोहियों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।
जानकारी के अनुसार, निर्मल पुरजा अपने अंतरराष्ट्रीय दल के साथ शिखर की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्र में अचानक भीषण हिमस्खलन आ गया। हादसे के बाद अभियान दल का बेस कैंप से संपर्क टूट गया और सभी पर्वतारोहियों की तलाश शुरू की गई। कई घंटों तक चले खोज एवं बचाव अभियान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि दल के कई सदस्य इस दुर्घटना में जीवित नहीं बच सके।
Elite Exped ने दी निधन की पुष्टि
निर्मल पुरजा की कंपनी Elite Exped ने आधिकारिक बयान जारी कर उनके निधन की पुष्टि की। कंपनी ने कहा कि यह केवल एक महान पर्वतारोही की नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान की क्षति है जिसने अपने साहस, नेतृत्व और प्रेरणादायी व्यक्तित्व से दुनिया भर के लोगों को प्रभावित किया।
कंपनी ने यह भी बताया कि इस हादसे में उनके भरोसेमंद पर्वतारोहण साथी और गाइड पुर बहादुर गुरुंग तथा नीमा शेरपा सहित अन्य सदस्यों की भी मौत हुई है। बयान में सभी दिवंगत पर्वतारोहियों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों से इस कठिन समय में उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की गई।
Nirmal Purja Death: 2019 में बनाया था विश्व रिकॉर्ड
निर्मल ‘निम्सदाई’ पुरजा का नाम दुनिया के सबसे सफल हाई-एल्टीट्यूड पर्वतारोहियों में लिया जाता था। उन्होंने वर्ष 2019 में वह कर दिखाया था जिसे लंबे समय तक असंभव माना जाता रहा।
उन्होंने मात्र 189 दिनों में दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इस असाधारण उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई और पर्वतारोहण के इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया।
हालांकि यह रिकॉर्ड वर्ष 2023 में टूट गया, लेकिन निर्मल पुरजा की उपलब्धि आज भी साहस, दृढ़ संकल्प और मानवीय क्षमता का प्रतीक मानी जाती है।
Netflix Documentary से दुनिया ने जाना उनका संघर्ष
निर्मल पुरजा की ऐतिहासिक यात्रा को वैश्विक मंच पर तब और पहचान मिली, जब उनकी उपलब्धि पर आधारित Netflix डॉक्यूमेंट्री ’14 Peaks: Nothing Is Impossible’ रिलीज हुई।
इस डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया कि किस तरह सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों को रिकॉर्ड समय में फतह किया। यह फिल्म दुनिया भर के युवाओं और एडवेंचर प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी।
ब्रॉड पीक क्यों माना जाता है सबसे चुनौतीपूर्ण पर्वतों में से एक?
ब्रॉड पीक, पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र में स्थित है और यह दुनिया की सबसे कठिन पर्वत चोटियों में गिना जाता है।
यह पर्वत अत्यधिक ऊंचाई, तेज हवाओं, बर्फीले तूफानों और अचानक आने वाले हिमस्खलनों के लिए जाना जाता है। अनुभवी पर्वतारोहियों के लिए भी यहां चढ़ाई करना आसान नहीं होता। मौसम में अचानक बदलाव कई बार बड़े हादसों का कारण बन जाता है।
यही वजह है कि इस अभियान में शामिल अनुभवी पर्वतारोही भी प्रकृति के इस कहर से खुद को नहीं बचा सके।
खोज और बचाव अभियान में सेना भी हुई शामिल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान के अल्पाइन क्लब, स्थानीय बचाव दल और सेना के हेलीकॉप्टरों की मदद से व्यापक खोज अभियान शुरू किया गया।
अल्पाइन क्लब के अधिकारियों के अनुसार, अभियान दल का बेस कैंप से संपर्क गुरुवार के बाद टूट गया था। खराब मौसम और ऊंचाई के कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। बाद में खोज अभियान के दौरान हादसे की पुष्टि हुई।
पूर्व सैनिक से विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही बनने तक का सफर
Nirmal Purja Death की खबर इसलिए भी लोगों को झकझोर रही है क्योंकि उनका जीवन संघर्ष और प्रेरणा की मिसाल था।
43 वर्षीय निर्मल पुरजा ब्रिटेन की प्रतिष्ठित गोरखा ब्रिगेड और रॉयल मरीन स्पेशल बोट सर्विस में अपनी सेवाएं दे चुके थे। सेना से अलग होने के बाद उन्होंने पेशेवर पर्वतारोहण को अपना करियर बनाया।
अपने अनुशासन, शारीरिक क्षमता और अद्भुत मानसिक दृढ़ता के दम पर उन्होंने दुनिया की कई कठिन चोटियों को सफलतापूर्वक फतह किया और पर्वतारोहण की दुनिया में अलग पहचान बनाई।
नेपाल समेत दुनिया भर में शोक की लहर
निर्मल पुरजा के निधन पर नेपाल के प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं, पर्वतारोहियों और खेल जगत की हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि निर्मल पुरजा और अन्य पर्वतारोहियों की मृत्यु पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि भले ही उनकी अंतिम यात्रा अधूरी रह गई हो, लेकिन उनका साहस, समर्पण और उपलब्धियां हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
दुनिया भर के पर्वतारोहियों ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें पर्वतारोहण का महान योद्धा बताया।
Nirmal Purja Death: दुनिया हमेशा याद रखेगी ‘निम्सदाई’ को
निर्मल ‘निम्सदाई’ पुरजा ने यह साबित किया कि मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के सामने असंभव जैसी कोई चीज नहीं होती। उन्होंने न केवल पर्वतों की ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि लाखों लोगों के सपनों को भी नई उड़ान दी।
उनकी उपलब्धियां आने वाले वर्षों तक पर्वतारोहण की दुनिया में प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। Nirmal Purja Death केवल एक महान पर्वतारोही की विदाई नहीं, बल्कि साहस, समर्पण और मानव क्षमता की एक अद्भुत कहानी का अंत है। हालांकि उनकी विरासत और उनके द्वारा स्थापित मानदंड हमेशा जीवित रहेंगे।



