Kanwar Mela 2025: बारिश और भीड़ के बीच सीएम धामी अलर्ट, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश
CM Dhami alert amid rain and crowd, gave strict instructions regarding security and arrangements
देहरादून/हरिद्वार: 11 जुलाई से शुरू हो रहे कांवड़ मेले को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इस बार जहां एक ओर प्रदेश में भारी बारिश की वजह से आपदा जैसे हालात बने हुए हैं, वहीं दूसरी ओर लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक कर कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और यात्रा से जुड़ी तैयारियों की गहन समीक्षा की।
बारिश बनी सबसे बड़ी चुनौती
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में आपदा के हालात हैं। सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश के मद्देनजर हेली एंबुलेंस को आपात स्थिति के लिए तैयार रखा जाए। साथ ही ट्रैकिंग मार्गों, जलस्त्रोतों और संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाए ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।
यात्रा मार्गों पर 24 घंटे निगरानी
मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। हरिद्वार, ऋषिकेश और नीलकंठ जैसे प्रमुख स्थलों पर ड्रोन और सीसीटीवी की मदद से 24 घंटे निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए वालंटियर्स की तैनाती, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष योजना और पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
महिला सुरक्षा और सत्यापन पर विशेष फोकस
सीएम धामी ने महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए महिला घाटों और धर्मशालाओं में विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी शिविरों, होटलों और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों और स्टाफ का पूर्ण सत्यापन कराने को भी कहा गया है। पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने और प्रदेश की सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं।
ध्वनि, मांस व नशे पर सख्ती
यात्रा मार्गों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों, डीजे और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही मांस, शराब और मादक पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को ‘क्या करें और क्या न करें’ संबंधी जानकारी होर्डिंग, पेम्फलेट और सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाएगी।
यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यात्रियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति, बिजली और यातायात जैसी बुनियादी सुविधाएं बिना किसी बाधा के सुनिश्चित की जाएं। हरिद्वार सहित यात्रा मार्गों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, अग्निशमन यंत्र और रेस्क्यू टीमों की पूरी तैयारी हो।
मुख्यमंत्री धामी ने दोहराया कि सरकार कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यात्रा को सफल बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

