Dayara Bugyal Missing Student: दयारा बुग्याल से सात दिन से लापता एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश तेज, अब NIM की टीम से उम्मीद
Dayara Bugyal Missing Student: Search intensified for MBA student Babita Pandey, missing from Dayara Bugyal for seven days; hopes now rest on the NIM team.
Dayara Bugyal Missing Student मामला उत्तराखंड में चिंता और चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तरकाशी जिले के प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई एमबीए छात्रा बबीता पांडे का सात दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। लगातार चल रहे सर्च ऑपरेशन के बावजूद अब तक न तो छात्रा का पता चल सका है और न ही उसके लापता होने के कारणों का खुलासा हो पाया है।
बढ़ती चिंता के बीच अब जिला प्रशासन ने देश के प्रतिष्ठित पर्वतारोहण संस्थान नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) से मदद मांगी है। प्रशासन को उम्मीद है कि पर्वतीय क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियानों का व्यापक अनुभव रखने वाली NIM की टीम इस अभियान में नई दिशा दे सकती है।
29 मई की रात रहस्यमय तरीके से लापता हुई थी बबीता
Dayara Bugyal Missing Student मामले के अनुसार नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र की रहने वाली 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो साथियों हरमनप्रीत सिंह और हरमन पाल के साथ दयारा बुग्याल घूमने पहुंची थी। बताया गया कि 29 मई की रात वह गोई कैंप क्षेत्र में मौजूद थी, जहां पर्यटकों के कई टेंट लगे हुए थे।
अगली सुबह जब बबीता दिखाई नहीं दी तो उसके साथियों और स्थानीय लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। शुरुआती खोजबीन में कोई सफलता नहीं मिलने पर पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
सात दिन बीत जाने के बावजूद बबीता का कोई सुराग न मिलना इस मामले को और अधिक रहस्यमय बना रहा है।
Dayara Bugyal Missing Student मामले में कई एजेंसियां जुटीं
लापता छात्रा की तलाश के लिए शुरुआत से ही विभिन्न एजेंसियों को लगाया गया है। पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, राजस्व विभाग और एसओजी की टीमें लगातार क्षेत्र में खोजबीन कर रही हैं।
इसके अलावा ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में तलाश के लिए आईटीबीपी और सेना की भी मदद ली गई। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है।
अधिकारियों का कहना है कि खोज अभियान लगातार जारी है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। क्षेत्र के जंगलों, ट्रेकिंग मार्गों, खाइयों और आसपास के संवेदनशील इलाकों की बार-बार तलाशी ली जा रही है।
NIM की मदद से बढ़ी उम्मीद
Dayara Bugyal Missing Student मामले में अब जिला प्रशासन ने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) से सहयोग मांगा है। उत्तरकाशी में स्थित यह संस्थान पर्वतारोहण, ट्रेकिंग और सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए देशभर में प्रसिद्ध है।
NIM के प्रशिक्षित विशेषज्ञ कठिन पर्वतीय परिस्थितियों में खोज अभियान चलाने का व्यापक अनुभव रखते हैं। प्रशासन का मानना है कि संस्थान की टीम के शामिल होने से उन इलाकों में भी तलाश की जा सकेगी जहां सामान्य बचाव दलों की पहुंच सीमित है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि संस्थान को औपचारिक पत्र भेजा गया है और जल्द ही उनकी ओर से सकारात्मक जवाब मिलने की उम्मीद है।
गोई और दयारा क्षेत्र में लगातार चल रहा सर्च ऑपरेशन
पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में सुरक्षा बलों और वन विभाग की संयुक्त टीम गोई क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। बीते कई दिनों से लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सर्च टीमों ने दयारा बुग्याल के आसपास के ट्रेकिंग रूट, जंगलों, पहाड़ी ढलानों और दूरस्थ इलाकों की गहन जांच की है। ड्रोन और तकनीकी सहायता का भी उपयोग किया गया, लेकिन अभी तक कोई ऐसा सुराग नहीं मिला जिससे बबीता के ठिकाने का पता चल सके।
स्थानीय ग्रामीणों और ट्रेक गाइडों से भी पूछताछ की गई है ताकि किसी संभावित जानकारी तक पहुंचा जा सके।
Dayara Bugyal Missing Student मामले में परिवार ने उठाए सवाल
बबीता पांडे के परिवार ने जांच के दायरे को और व्यापक बनाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि जिस रात बबीता लापता हुई, उस समय उसके टेंट के आसपास कई अन्य टेंट भी लगे हुए थे।
बबीता के चचेरे भाई पंकज पांडे का कहना है कि उस क्षेत्र में करीब 50 से 60 पर्यटक मौजूद थे। ऐसे में उन सभी लोगों की पहचान सत्यापित कर उनसे पूछताछ की जानी चाहिए।
परिवार का यह भी दावा है कि बबीता का नाम पंजीकरण पोर्टल में दर्ज नहीं मिला, जो अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। उनका मानना है कि इस पहलू की भी गंभीर जांच होनी चाहिए कि कहीं पंजीकरण प्रक्रिया में कोई अनियमितता तो नहीं हुई।
पंजीकरण व्यवस्था पर भी उठ रहे हैं सवाल
Dayara Bugyal Missing Student मामले ने ट्रेकिंग रूट्स पर लागू पंजीकरण प्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले सभी पर्यटकों का सही रिकॉर्ड होना सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जरूरी है।
यदि किसी पर्यटक का रिकॉर्ड आधिकारिक प्रणाली में मौजूद नहीं है, तो आपात स्थिति में खोज और बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है। यही कारण है कि अब प्रशासन इस पहलू की भी जांच कर रहा है।
भाई लौटा घर, लेकिन परिवार की उम्मीदें बरकरार
पिछले कई दिनों से पुलिस और राहत टीमों के साथ खोज अभियान में शामिल बबीता का छोटा भाई हर्षित पांडे फिलहाल घर लौट गया है। हालांकि परिवार की उम्मीदें अभी भी कायम हैं।
परिजन लगातार प्रशासन से संपर्क में हैं और हर नए अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक बबीता का पता नहीं चल जाता, वे तलाश अभियान जारी रखने की मांग करते रहेंगे।
Dayara Bugyal Missing Student मामला बना बड़ा रहस्य
Dayara Bugyal Missing Student मामला अब उत्तराखंड के सबसे चर्चित खोज अभियानों में से एक बन गया है। सात दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद किसी ठोस सुराग का न मिलना प्रशासन और परिवार दोनों के लिए चुनौती बना हुआ है।
अब सभी की निगाहें NIM की संभावित भागीदारी और आगामी सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि विशेषज्ञ टीमों की मदद से इस रहस्य से पर्दा उठ सकेगा और बबीता पांडे के बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ पाएगी।



